सुधीर ताम्रकार/बालाघाट। पढे लिखे एवं लाखों रूपये प्रतिमाह वेतन पाने वाले बैंक के शाखा प्रबंधक दलालों तथा बैंक के अन्य कर्मचारी की सांठगांठ के चलते मर चूके लोगों के नाम से भी लोन निकाल लिया गया।
बालाघाट जिले के उकवा स्थित सिडिकेंट बैंक में लोन दिये जाने के नाम पर हुये फर्जीवाडे के जांच कर रहे विशेष जांच दल को चौंकाने वाली जानकारी मिली है। जहां आरोपीयों ने मृतक किसान के नाम पर पैसा निकाल कर डकार लिया।
पुलिस अधीक्षक श्री गौरव तिवारी ने अवगत कराया की नक्सल प्रभावित डोरा गांव के देवगंत किसान बुद्धराम मरकाम के नाम पर उकवा सिडिकेट बैंक से लोन निकाला गया जबकि उसके बेटे जीवन मरकाम का कहना है कि उसके पिता की मौत लोन निकालने की दिनांक से 2 साल पहले हो चुकी है जबकि आरोपियों ने बुद्धराम के नाम पर 1 लाख 90 हजार रूपये का लोन निकाला है। लोन के नाम पर हुई इस हेराफेरी में बैंक मैनेजर, बाबु संतोष धुर्वे, एंजेट आंनद धुर्वे व मनोज ठाकरे तथा एक अन्य व्यक्ति शामिल है जिनसे पुलिस पूछताछ कर रही है वही फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पुलिस की गिरफ्त में आये सिकिडेट बैंक के मैनेजर ने अपनी पदस्थी के दौरान भरवेली बैंक शाखा से 426 लोन स्वीकृत किये तथा उकवा बैंक से 363 लोन वितरित किये गये है। इस तरह अब तक 800 लोन प्रकरणों की छानबीन की जा रही है जिसमें अब तक 50 मामलो में धोखधडी किये जाने की साक्ष्य पुलिस के हाथ लगे हैं।
श्री गौरव तिवारी ने बताया की पुलिस को छानबीन के दौरान जो साक्ष्य मिले है उनके अनुसार सिडिकेट बैंक के उकवा शाखा से आरोपियों ने 10 किसानों के नाम पर बिना किसी जमीन के दस्तावेज लगाये लोन निकाल लिया। 14 किसानों ऐसे प्रकरण प्रकाश में आये है जिसमें आरोपियो ने दस्तावेज में छेडछाड का लोन की रकम बढकर उसका आहरण कर लिया। आरोपियों ने सम्मिलित खाते की जमीन पर 4 अलग अलग व्यक्तिायों के नाम से एक ही जमीन की एवज में लोन निकालकर राशि की हेराफेरी कर ली। 6 माह पुराने विडाल से रकम आहरित कर ली गई मनोज ठाकरे नामक व्यक्ति ने नाम बदलकर अनेकों बार लोन की राशि का आहरण किया आरोपियों ने किसानो की जाति बदलकर भी लोन निकाल लिया।
लीलामेटा निवासी जिनेन्द्र सिलारे को आदिमजाति का बताकर उसके नाम से लोन निकाल लिया। श्री तिवारी के अनुसार बालाघाट जिले में बैंक प्रबंधक की सांठगांठ से लोन वितरण के नाम पर इस तरह करोडों रूपये के घोटाले को अजाम दिया गया है।
