राधेश्याम दांगी/भोपाल। पुलिसकर्मियों को COMPUTER की TRAINING देने का मामला गरमाया हुआ है। पुलिस अफसरों द्वारा पुलिस जवानों को CCTNS PROJECT और कम्प्यूटर की ट्रेनिंग जिलों के जरिए देना था लेकिन इसमें आर्थिक अनियमितता सामने आने के बाद उच्च स्तरीय जांच की गई। इसमें तथ्य सही पाए गए।
इस गड़बड़ी में दो IPS OFFICER स्पेशल डीजी पुलिस रिफॉर्म्स बी. मारिया कुमार, एडीजी पुलिस रिफॉर्म्स, पीएचक्यू पुरुषोत्तम शर्मा फंसते नजर आ रहे हैं। दोनों के खिलाफ पुलिस मुख्यालय ने इस प्रकरण की जांच एडीजी डॉ. आरके गर्ग ने की। जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय के जरिए शासन को सौंप दी गई। इधर, यह प्रकरण राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) तक पहुंच गया। ब्यूरो ने शिकायत की जांच करवाई। यहां तक कि इसकी प्राथमिकी दर्ज कर ली गई।
कार्रवाई करने से बच रहे
बताया जा रहा है कि पुलिस मुख्यालय में पदस्थ दोनों अफसरों का ब्यूराे के अफसरों पर दबाव है। इसके चलते प्रकरण पंजीबद्ध नहीं हुआ है। गौरतलब है कि प्राथमिकी जांच रिपोर्ट में जैसे ही प्रकरण दर्ज करने की अनुशंसा की गई तो पुलिस मुख्यालय में खलबली मच गई। बी. मारिया कुमार और पुरुषोत्तम शर्मा भी मामला दबाने के लिए सक्रिय हो गए। पहले इस प्रकरण में डॉ. आरके गर्ग ने जांच की थी। इसमें कंपनियों-फर्मों को कम्प्यूटर ट्रेनिंग दिए बिना ही लाखों रुपए का भुगतान कर दिया गया। बताया जा रहा है कि ये फर्म्स भी FRAUD हैं। इसमें पुलिस जवानों-अफसरों को फर्जी ट्रेनिंग देना पाया गया। इन धांधलियों के आधार पर शासन ने यह प्रकरण आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दिया लेकिन ब्यूरो के अफसर कार्रवाई करने बच रहे हैं। इस प्रकरण में न तो ब्यूरो के अफसर कोई टिप्पणी करना चाहते हैं और न ही पुलिस मुख्यालय के वो अफसर, जाे पूर्व में इस प्रकरण की जांच कर चुके हैं। इस बारे में एडीजी एससीआरबी राजीव टंडन, ब्यूरो के डीजी विजय यादव सहित अन्य अफसर बात करने से बचते रहे। सभी अफसर एक-दूसरे से पूछने का कहते रहे।
