नरसिंहपुर में अयोग्य शिक्षक कर रहे हैं 10वीं का मूल्यांकन

Updesh Awasthee
करेली। बोर्ड परीक्षाओ मे विद्यार्थियों के साल भर की मेहनत का परिणाम सामने आता है, उनके भावी जीवन के रोजगार की आधारशिला बनायी जाती है, भविष्य की सफलता और असफलता का सारा दारोमदार इन्ही परीक्षाओ के परिणाम पर निर्भर करता है। यदि इन परीक्षाओ की उत्तर पुस्तिकाओं के जांच कार्य मे भारी गफलत हो तो संपूर्ण विद्यार्थी जगत के लिये ये सबसे बडा अपराध होगा, उनके भविष्य और जीवन से इससे बडा खिलवाड नही हो सकता। 

कुछ ऐसा ही जोखिमपूर्ण खिलवाड नरसिंहपुर के मूल्यांकन केंद्र शासकीय उत्कृष्ठ विद्यालय मे कक्षा 10वीं हाईस्कूल जांच कार्य मे हो रहा है। कुछ मूल्यांकनकर्ताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया की कि बोर्ड के मापदन्डो को दरकिनार कर मनमर्जी से केन्द्राधिकारी भाई भतीजावाद की तर्ज पर अपनो को फ़ायदा पहुंचाकर परीक्षा अधिनियम और गोपनीय शासकीय कर्तव्य मे अनुचित आचरण कर रहे हैं। 

पूरे वाकये के अनुसार जिन योग्यता के मानदंडो का पालन विषयवार मुख्य परीक्षक और उपमुख्य परीक्षक की नियुक्ति मे होना चाहिये उनके बजाय किसी भी विषय मे नियुक्त और योग्यताधारी, गैर अनुभवी शिक्षक जैसे राजेश कौरव ,ज्योत्सना दुबे, अखिलेश ढीमोले, अर्चना नामदेव, राजेश गुप्ता जो अन्य विषय मे नियुक्त है उन्हे अँग्रेजी का डिप्टी हेड बनाकर उसी विषय के शिक्षकों को उनके अधीन मूल्यांकनकर्ता के रुप मे कार्य कराकर मानसिक और आर्थिक रुप से शोषित किया जा रहा है। 

अपने साथ हो रहे विभागीय और पदोन्नति मे हो रहे भेदभाव से तंग आकर हाईकोर्ट जबलपुर मे याचिका क्रमांक w/p /3229/2016 औरw/p/ 8024/15 लगाकर गुहार भी लगाई है। 

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