भोपाल। प्रदेश के 55 हजार दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की नाराजगी और सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की चेतावनी के बीच सरकार ने पैंतरा बदल दिया है। अब दैवेभो को ग्रेड-पे के साथ वेतन बैंड देने की तैयारी है। इसके लिए सरकार दैवेभो सेवा नियम 2013 की कंडिका पांच में संशोधन करेगी।
सूत्रों के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग यह प्रस्ताव कैबिनेट में ले जाने की तैयारी कर रहा है। इससे पहले सरकार जल संसाधन विभाग के फार्मूले को लागू करने की कोशिश में लगी थी।
इस फार्मूले के तहत दैवेभो कर्मचारियों को चतुर्थ संवर्ग का सबसे न्यूनतम वेतनमान 4440-7440 रुपए देने की तैयारी थी। जिससे कर्मचारियों का वेतन वर्तमान में मिल रहे वेतन से भी कम हो रहा था। इसकी भनक लगते ही दैवेभो ने हंगामा खड़ा कर दिया।
कर्मचारियों ने 10 अप्रैल को भोपाल में प्रदर्शन करने और 25 अप्रैल से पहले सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करने की चेतावनी दी थी। जीएडी के अफसर अब इन कर्मचारियों के चार संवर्ग बनाएंगे। जिनमें अलग-अलग वेतनमान दिया जाएगा। ऐसे में सरकार पर हर साल 57.07 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ेगा।