नई दिल्ली, 21 जनवरी 2026: मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरियों और शिक्षा में 27% ओबीसी आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आईए जानते हैं कि आज इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ:-
आउट ऑफ़ टर्न सुनवाई का विशेष निवेदन
ओबीसी पक्ष के अधिवक्ता श्री रामेश्वर सिंह ठाकुर ने बताया कि, आज सुबह की कार्यवाही के दौरान, OBC वर्ग के याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं ने अदालत से इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 'आउट ऑफ टर्न' (क्रम से हटकर) सुनवाई करने का विशेष निवेदन किया था। हालांकि, कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया और स्पष्ट कर दिया कि सुनवाई निर्धारित सीरियल नंबर के अनुसार ही की जाएगी।
सरकार की भूमिका पर सवाल: इस मामले में पिछड़ा वर्ग पक्ष के अधिवक्ता अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने मध्य प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए हैं। उनका आरोप है कि सरकार को बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद, सुप्रीम कोर्ट में उनकी ओर से अब तक अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखा गया है। ठाकुर के अनुसार, सरकार ने इन सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट में उलझा कर रख दिया है।
आगे क्या होगा
ओबीसी पक्ष के अधिवक्ता का मानना है कि यदि मध्य प्रदेश सरकार के अधिवक्ता कल त्वरित सुनवाई के लिए संयुक्त प्रयास करते हैं, तो ही प्रकरण पर सुनवाई संभव हो पाएगी। यदि ऐसा नहीं होता है, तो मामले में लंबी तारीख लगने की पूरी संभावना है।
इसके अलावा, वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने एक महत्वपूर्ण संकेत देते हुए कहा है कि सुप्रीम कोर्ट इन मामलों का खुद निराकरण करने के बजाय, इन्हें वापस हाई कोर्ट को प्रत्यावर्तित (रिमांड) कर सकता है।
अब देखना यह होगा कि क्या कल मध्य प्रदेश सरकार की ओर से कोई ठोस पहल की जाती है या OBC आरक्षण का यह मामला एक बार फिर तारीखों के जाल में फंस जाता है।
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