ग्वालियर। शासकीय कन्या उमावि थाटीपुर के एक प्रधान अध्यापक द्वारा गैरमर्यादित आचरण करने के मामले में की गई जांच रिपोर्ट पर संभागीय कमिश्नर ने ही सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल के प्रधान अध्यापक मायाराम रायपुरिया पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं के फोटो फाड़कर स्कूली बच्चों के माथे से टीका हटाया। बच्चों के साथ-साथ स्कूल की अन्य शिक्षिकाओं को बौद्ध स्तुति गाने को कहा। इन आरोपों की जांच के लिए संभागीय कमिश्नर ने अपर कलेक्टर तरुण भटनागर को जांच अधिकारी बनाया था लेकिन उन्होंने तीन महीने पहले अपनी जांच रिपोर्ट पेश कर प्रधान अध्यापक को सभी आरोपों से क्लीन चिट दे दी थी।
संभागीय कमिश्नर ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि जिन साक्ष्यों (गवाहों) के आधार पर जांच अधिकारी ने स्कूल के प्रधान अध्यापक को क्लीन चिट दी थी, वो गवाह उस स्कूल से संबंधित ही नहीं हैं। कम से कम आधे से ज्यादा गवाह स्कूल के बाहर के हैं। ऐसे में उनके बयानों के आधार पर जांच अधिकारी द्वारा स्कूल के प्रधान अध्यापक को क्लीन चिट दिया जाना दोषपूर्ण है। इसलिए इस मामले की दोबारा जांच कराया जाना जरूरी है।
जिला पंचायत सीईओ दें तीन महीने में जांच रिपोर्ट-
इस मामले में संभागीय कमिश्नर ने जिला पंचायत सीईओ नीरज कुमार सिंह को निर्देश दिए हैं कि वे इस मामले की पृथक से जांच कर तीन महीने के अंदर रिपोर्ट पेश करें। जिला पंचायत सीईओ को जांच के दौरान स्कूल से जुड़े सभी पक्षों से बात कर सबूत जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
