इंदौर। शहजाद लाला हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए माफिया एवं आईपीएस अफसरों के बिजनेस पार्टनर बब्बू को थाने में वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है। थाने में लोग उससे मिलने आ रहे हैं, और मस्तमौला स्टाइल में मुलाकातों का दौर जारी है।
लाला की हत्या में क्राइम ब्रांच ने बब्बू उर्फ सुल्तान को गिरफ्तार किया था। आरोपी ने पूछताछ में भाई इमरान, समीर और अकरम की मदद से फरारी काटना कबूला था। पुलिस ने अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया। सूत्रों के मुताबिक इमरान बब्बू को बचाने के लिए सदर बाजार पुलिस के संपर्क में था। अयाज गुड्डू के जरिये उसने एक अफसर से 40 लाख में डील भी की थी। अफसर ने जांच कर बब्बू को केस से बाहर करने का वादा किया था। कई दिन तक अफसरों ने नाम हटाने का प्रयास भी किया। इस दौरान इमरान से कुछ फोटो, कॉल डिटेल और बयान भी मांगे, लेकिन मकसद में कामयाब नहीं हो पाए तो रुपए लौटाने पड़े। बब्बू की गिरफ्तारी के बाद इमरान गायब हो गया, लेकिन वह पुलिस के संपर्क में है।
बचाने के लिए 151 में बंद कर लिया
उधर खजराना पुलिस का भी एक कारनामा सामने आया है। 15 हजार के इनामी बब्बू की मदद करने वाले समीर और अकरम को तीन दिन पूर्व धारा 151 में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सूत्रों के मुताबिक दोनों की गिरफ्तारी साजिश के तहत की गई है। एसआई एसके त्रिपाठी ने दोनों को थाने बुलाया और नाटकीय ढंग से जेल भेज दिया। एसआई के मुताबिक दोनों जमजम चौराहा पर रुपए को लेकर विवाद कर रहे थे। सूचना पर मैं पहुंचा और पकड़ लिया।
पीछा कर रही थी क्राइम ब्रांच
समीर और अकरम आरोपी बब्बू के खास सहयोगी हैं। अकरम बेकरी गली का गुंडा है। बब्बू की कॉल डिटेल में दोनों के नंबर भी मिले थे। क्राइम ब्रांच उनका पीछा भी कर रही थी। कुछ दिन पहले समीर बंबई बाजार से पुलिस को चकमा देकर निकल गया था।
भोपाल से खाली हाल लौटे
बब्बू ने पूछताछ में भोपाल के भाजपा नेता अब्दुल रशीद खान का नाम कबूला था। खान की मदद से मदरसे और घर पर फरारी काटी थी। शनिवार को टीम बब्बू को लेकर भोपाल पहुंची और खानापूर्ति कर लौट आई। पुलिस रशीद के घर जाने की हिम्मत नहीं कर पाई। एएसपी रूपेश द्विवेदी के मुताबिक कुछ जगहों की तस्कीद की गई है। सबूत मिलने पर रशीद को आरोपी बनाया जाएगा।

