जबलपुर। मध्यप्रदेश में हुए स्कॉलरशिप घोटाले में हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश देने से पहले ईओडब्ल्यू से शपथपत्र मांगा है। हाईकोर्ट ने ईओडब्ल्यू द्वारा की गई कार्रवाई की डीटेल रिपोर्ट शपथ पत्र पर लिखित में मांगी है।
प्रशासनिक न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन व जस्टिस केके त्रिवेदी की युगलपीठ में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान जनहित याचिकाकर्ता सागर के अधिवक्ता जगदेव सिंह ठाकुर की ओर से अधिवक्ता रामेश्वर पी सिंह ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में एससी/एसटी/ओबीसी छात्र-छात्राओं की छात्रवृत्ति का घोटाला हुआ है। लिहाजा, इसकी निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए। ऐसा होने पर करोड़ों रुपए की धांधली से पर्दा उठना तय है।
सीबीआई को जारी हो चुके हैं नोटिस
इस मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद 20 जुलाई 2015 को सीबीआई सहित 14 पक्षकारों को नोटिस जारी हो चुके हैं। उन सभी के जवाब आ चुके हैं।
एक सप्ताह में पेश करनी होगी स्टेटस रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने बुधवार को मामले पर गौर करने के बाद सभी जांच एजेंसी को निर्देश दिया कि वे एक सप्ताह के भीतर अपनी स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

