महिला आयोग के जाल में फंस गए शिवराज

Updesh Awasthee
भोपाल। महिलाओं के प्रति संवेदनशील भाषण देने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले 1 साल से महिला आयोग को बंद कर रखा है। पिछले आयोग का कार्यकाल खत्म हो गया, सरकार ने नई नियुक्तियां ही नहीं की। महिलाओं के न्याय का मंदिर एक साल से बंद है। अब हाईकोर्ट ने नोटिस जारी 3 सप्ताह में जवाब मांगा है।

डॉ. जयमाला मिश्रा ने हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता जीतेन्द्र सिंह राठौर ने बताया कि 13 सितंबर 2014 से राज्य महिला आयोग की नियुक्ति नहीं हुई है। अध्यक्ष व 6 सदस्य सामाजिक, विधि, चिकित्सा क्षेत्र से नियुक्त होते हैं। आयोग में महिलाएं अपने साथ होने वाले अत्याचार की शिकायत कर सकती हैं। जब आयोग का कार्यकाल खत्म हुआ था, तब 2 हजार केस लंबित थे। प्रतिदिन 200 केस आयोग में आते थे। आयोग की अध्यक्ष व सदस्यों की नियुक्ति नहीं होने से महिलाओं को परेशानी आ रही है। उनकी परेशानियों को सुनने वाला कोई नहीं है। इसके अलावा आयोग जेल का निरीक्षण भी कर सकता है, लेकिन वह निरीक्षण भी नहीं हुए हैं। महिलाओं की समस्या को देखते हुए आयोग का गठन किया जाए। कोर्ट ने नोटिस जारी कर शासन से जवाब मांगा है।

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