भोपाल। व्यापमं मामले के व्हिसल ब्लोअर डॉ. आनंद राय को घूस की पेशकश करने वाला मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बयान एक खुफिया कैमरे में कैद है। डॉ. राय इस कैमरे को घड़ी में छिपा कर ले गए थे। सीएम के सुरक्षाकर्मी भी इस कैमरे का पता नहीं लगा पाए और डॉ. राय आसानी से पूरी बातचीत रिकार्ड करते रहे।
सीएम के साथ मुलाकात का वक्त तय हुआ था रात 9.45 बजे। अगस्त मध्य में यह मुलाकात एक भरोसेमंद मध्यस्थ के जरिए तय हुई थी, जो एक घंटा पांच मिनट चली। इसमें गोपनीयता का खास ख्याल रखा गया था। इसीलिए डॉ. राय के गनमैन को बाहर ही रोका गया।
सूत्रों के मुताबिक मुलाकात को इस तरह प्लान किया गया था कि इसकी भनक सीएम हाउस के अफसरों व कर्मचारियों तक को नहीं थी। यहां तक कि डॉ. राय की एंट्री तक नहीं की गई। डॉ. राय ने इस रियायत का फायदा उठाया। वे खुफिया उपकरण अंदर ले गए। मुख्यमंत्री के खिलाफ हाईकोर्ट की इंदौर पीठ में शपथ पत्र का उनका आधार यही है।
डॉ. राय ने बताया कि सीएम हाउस में उनकी कोई एंट्री नहीं की गई। मुलाकात के सबूत होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि 11 अगस्त को रात 9:45 से 10:50 बजे तक मेरा मोबाइल सीएम हाउस की सुरक्षा चौकी में रहा। मोबाइल की लोकेशन और सीएम हाउस में लगे सीसीटीवी फुटेज में सबूत हैं। डॉ. राय ने कहा कि वे कई वर्षों तक आईबी के साथ काम कर चुके हैं।
व्यापमं की लड़ाई में उन्होंने अपनी हर गतिविधि को लेकर ऐसी ही खुफिया सावधानी बरती है। यदि मेरे आरोपों को झूठा साबित किया जाएगा, तब वे उस मुलाकात का सबूत सार्वजनिक करेंगे।

