ग्वालियर। पनिहार रोड फार्म हाउस में खेल रहा 3 साल का सूर्यांश सोमवार को अचानक गायब हो गया। मासूम बेटे के गायब हो जाने से पिता जयंत दूसरे परिजन सकते में आ गए। पनिहार कस्बे में भी सूर्यांश के गायब हो जाने से खौफ की लहर दौड़ गई। परिजन ने अपने स्तर पर तलाश किया लेकिन नाकाम रहे, तब सोमवार देर रात पनिहार थाने में अपहरण का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों और जंगलों में तलाश कराई, लेकिन सूर्यांंश का अब तक कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस के मुताबिक सोलंकी परिवार की संपन्नता के चलते आशंका है कि सूर्यांश का अपहरण किया गया है, हालांकि अब तक परिजन को फिरौती से संबंधित कोई संदेश भी नहीं मिला है।
पनिहार रोड पर लक्ष्मण सिंह के बेटे जयंत सोलंकी का फार्म हाउस है। सोमवार दोपहर बाद जयंत का 3 साल का बेटा सूर्यांश मेन गेट के पास ही खेल रहा था, परिजन की नजर भी सूर्यांश पर थी। लेकिन जरा सी नजर हटते ही सूर्यांश अचानक गायब हो गया।
गौरतलब है कि शहर में बीते 6 माह में 40 बच्चों की गुमशुदगी की शिकायत पुलिस को मिली। इनमें से 10-12 की ही FIR लिखी गई। कुछ बच्चों के अलावा ज्यादातर अब तक वापस नहीं आए, कुछ की महज लाश ही मिल सकी।
परिवार की किसी से भी रंजिश नहीं
सूर्यांश के गायब होते ही घर में कोहराम मच गया। परिवार के लोग फार्म हाउस के आसपास बच्चे को तलाशने के लिए दौड़े। बच्चे का कुछ पता नहीं चलने पर सूर्यांश के संदिग्ध हालातों में गायब होने की सूचना पनिहार थाना पुलिस को दी गई। पुलिस भी हरकत में आ गई। पनिहार थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक सोलंकी परिवार पनिहार के बड़े किसानों में गिना जाता है। इसके साथ ही जीवाजी विश्वविद्यालय से संबद्ध एक कॉलेज भी मुनेंद्र सोलंकी संचालित कर रहे हैं। लक्ष्मण सिंह और मुनेंद्र सिंह राजनीति में भी सक्रिय हैं। लक्ष्मण सिंह जिला पंचायत में उपाध्यक्ष चुने जा चुके हैं, जबकि मुनेंद्र जीवाजी विश्वविद्यालय में कार्यपरिषद सदस्य रह चुके हैं। इन सब वजहों से सूर्यांश के अपहरण की आसंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

