ग्वालियर। ग्वालियर कलेक्टर डॉ. संजय गोयल के आइडिया पर तैयार किए गए एम-शिक्षा मित्र ऐप को राज्य शासन ने पूरे प्रदेश में लॉन्च कर दिया है। इस एप का उपयोग शिक्षक अवकाश के लिए आवेदन देने से लेकर वेतन पर्ची देखने व उसका प्रिंट आउट निकालने तक में कर सकेंगे। इस ऐप के जरिए शिक्षकों की ई-अटेंडेंस भी लग सकेगी। शिक्षकों को गूगल प्लेस्टोर से इस ऐप को डाउनलोड करना होगा। ऐसा करते ही संबंधित शिक्षक को 200 एसएमएस फ्री भेजने की सुविधा भी मिलेगी।
लॉगइन के लिए जरूरी होगा पोर्टल का यूजरनेम और पासवर्ड
गूगल प्लेस्टोर से डाउनलोड करने के बाद इस ऐप पर लॉगइन करने के लिए संबंधित शिक्षक के पास एजुकेशन पोर्टल में इस्तेमाल होने वाला यूजरनेम और पासवर्ड होना चाहिए। इसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी प्राचार्य, हेडमास्टर, शाला प्रभारी सहित सभी शिक्षकों के मोबाइल नंबर एजुकेशन पोर्टल पर दर्ज कराने के निर्देश दे दिए हैं। जिन शिक्षकों को पासवर्ड ज्ञात नहीं है, उन्हें उनका पासवर्ड एजुकेशन पोर्टल पर पंजीकृत कर उनके मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।
ये मिलेंगी सुविधाएं
इस ऐप का उपयोग कर शिक्षक वेतन पर्ची, विभिन्न् योजनाओं के लिए शाला को भेजी गई राशि, स्कॉलरशिप, विभागीय आदेश, सर्कुलर, जीपीएफ आदि की जानकारी आसानी से अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे। शिक्षकों को ऐप के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने और उसका स्टेटस देखने की सुविधा भी प्राप्त होगी। ऐप का उपयोग छुट्टी का आवेदन भेजने और ई-अटेंडेंस के लिए भी किया जा सकेगा। एप की वजह से सभी शिक्षक और अधिकारी एक दूसरे को फ्री में एसएमएस कर सकेंगे। अन्य लोगों को भी 200 एसएमएस फ्री मिलेंगे। अगर किसी शिक्षक को अपने अधिकारी का मोबाइल नंबर नहीं मालूम तो इस एप की सहायता से उन्हें एसएमएस करने की सुविधा यहां मिल सकेगी। कुछ अन्य सुविधाएं भी इस एप में जोड़े जाने के लिए कार्य चल रहा है।
ग्वालियर कलेक्टर को श्रेय क्यों
दरअसल मोबाइल फोन से शिक्षकों की ई-अटेंडेंस लगाने की शुरुआत कलेक्टर डॉ. संजय गोयल ने सीहोर जिले में की थी। इसके बाद यह प्रयोग रतलाम में भी किया। इससे शिक्षकों द्वारा स्कूल नहीं आने की समस्या पर काफी हद तक रोकथाम की जा सकी थी। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर में भी सुधार देखा गया। मोबाइल फोन से शिक्षकों की ई-अटेंडेंस लगाने के इसी विचार को एनआईसी भोपाल की टीम ने अपग्रेड कर एम-शिक्षा मित्र ऐप बनाया और गत शिक्षक दिवस पर इसे अधिकृत रूप से लॉन्च किया गया।
इस ऐप की मदद से शिक्षकों को बहुत फायदा होगा। वे अपनी सर्विस संबंधी विभिन्न् सुविधाएं इस एप पर ही देख सकेंगे। इसके साथ ही स्कूलों में उनकी अधिक से अधिक मौजूदगी को भी सुनिश्चित किया जा सकेगा। मैंने इसे एक प्रयोग के तौर पर शुरू किया था इसे राज्य शासन ने उपयोगी मानकर उसे अपग्रेड कर पूरे प्रदेश के लिए ऐप बनाया और उसे लॉन्च किया।
डॉ. संजय गोयल, कलेक्टर, ग्वालियर

