भोपाल। प्रदेश की सड़कों पर जांच के दौरान यदि अनफिट बस पकड़ में आती है तो किसी भी स्थिति में उसे नहीं छोड़े, भले ही वह किसी भी रसूखदार की क्यों न हो। मुरैना सांसद अनूप मिश्रा के कहने पर ग्वालियर से विजयपुर जा रही कंडम बस को छोड़ दिए जाने के बाद परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने सभी मैदानी परिवहन अधिकारियों को यह कड़े निर्देश दिए।
उन्होंने यह भी कहा है कि जनप्रतिनिधियों का पूरा सम्मान किया जाए, लेकिन कार्रवाई नियमानुसार ही हो। इसमें किसी भी प्रकार की कोई ढील न दी जाए। परिवहन मंत्री ने मुरैना आरटीओ से विजयपुर में छोड़ी गई बस फिटनेस की पूरी रिपोर्ट भेजने को भी कहा है। विभाग के अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि कार्रवाई के दौरान सांसद मिश्रा ने बस छोड़ने के लिए भारी दबाव बनाया था, जिसके चलते मजबूरी में बस छोड़ना पड़ी।
मंत्री-विधायकों को लिखेंगे पत्र
परिवहन मंत्री सिंह ने नवदुनिया को बताया कि प्रदेश में किसी भी हालात में हम अनफिट बसें नहीं चलने देंगे। इसके लिए हमें भले ही ही विरोध का सामना करना पड़े। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है, इससे हम समझौता नहीं करेंगे। इस संबंध में मैदानी अमले को भी कड़े निर्देश दिए हैं।
ग्वालियर में सांसद अनूप मिश्रा द्वारा बस को छुड़वाए जाने के सवाल पर परिवहन मंत्री ने कहा कि मैं सभी सांसद, मंत्री और विधायकों को पत्र लिखकर अनुरोध करूंगा कि वे इस अभियान में सहयोग करें।

