भोपाल। मप्र विधानसभा में शुक्रवार को व्यापमं घोटाले पर बवाल मचा। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे व्यापक जनहित का मामला बताते हुए स्थगन प्रस्ताव देकर सदन में चर्चा की मांग की।
सरकार ने विपक्ष की इस मांग को ठुकराते हुए कहा कि सदन केवल नव निर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण, राज्यपाल के अभिभाषण और सरकारी काम के लिए बुलाया गया है, इसलिए स्थगन पर चर्चा नहीं हो सकती। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा ने विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। उपाध्यक्ष के निर्वाचन के बाद सरकारी काम शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले को उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को व्यापमं घोटाले पर सदन में चर्चा करानी चाहिए।
विपक्ष के विधायक रामनिवास रावत ने घोटाले पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। पहले भार्गव और विजयवर्गीय तथा बाद में संसदीय कार्य मंत्री ने नियमों और परंपराओं का हवाला देते हुए कहा कि विपक्ष की मांग नियमानुसार नहीं है। इस बीच पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तकरार हुई। इधर, कटारे ने कहा कि सरकार ने 17 जनवरी तक सदन की कार्यवाही चलाने की बात सरकार ने कही थी लेकिन अब सरकार सत्र को 11 जनवरी को ही खत्म करना चाहती है।
नामंजूर हुआ स्थगन
व्यापमं घोटाले पर कांग्रेस विधायक रामनिवास रावत ने स्थगत प्रस्ताव के माध्यम से चर्चा की मांग की थी। इस संबंध में नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे की ओर से उठाए गए व्यवस्था के प्रश्न को अस्वीकार करते हुए अध्यक्ष डॉ सीताशरण शर्मा ने कहा पहला सत्र सदस्यों की शपथ अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के निर्वाचन और अत्यावश्यक सरकारी कार्यों के निपटारे के लिए बुलाया गया है। डॉ शर्मा ने व्यवस्था के प्रश्न पर कटारे के अलावा संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजवयवर्गीय और गोपाल भार्गव के अलावा कांग्रेस के रामनिवास रावत का पक्ष सुनने के बाद अपनी व्यवस्था दी।
रोहाणी सहित 23 दिवंगत हस्तियों को श्रद्धांजलि
विधानसभा में गुरुवार को अपने पूर्व अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मण्डेला, फिल्म अभिनेता प्राण एवं सुप्रसिद्ध गायक मन्ना डे सहित कुल 23 दिवंगत हस्तियों के अवसान पर गहरा शोक प्रकट करते हुए उनके सम्मान में सदन की कार्यवाही कल सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई। अध्यक्ष डॉ. सीताशरण शर्मा ने इन हस्तियों के निधन का आज सदन में उल्लेख करते हुए उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व की प्रशंसा की। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रोहाणी के बारे में कहा कि लगता ही नहीं है कि वह हमारे बीच अब नहीं हैं। उनका निधन सदमे से कम नहीं है।
7 हजार 71 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश
मप्र विधानसभा में शुक्रवार को वित्त मंत्री जयंत मलैया ने वर्ष 2013-14 के लिए 7 हजार 71 करोड़ 73 लाख रूपये से अधिक के प्रावधान वाले दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया। विधानसभा अध्यक्ष डा. सीताशरण शर्मा ने अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए शनिवार को दो घंटे का समय निर्धारित किया। चर्चा के बाद अनुपूरक बजट में प्रस्तावित अनुदान मांगों को सदन की स्वीकृति प्रदान की जाएगी। अनुपूरक बजट में सबसे ज्यादा 1300 करोड़ रूपये से अधिक का प्रावधान ऊर्जा विभाग के लिए किया गया है। इसके अलावा त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं को वित्तीय सहायता के लिए 800 करोड़ रूपये से अधिक और लोक निर्माण विभाग के लिए 300 करोड़ रूपये से अधिक की राशि का प्रस्ताव किया गया है।
दो विधेयक पेश
संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने मप्र विधानमंडल सदस्य निरर्हता निवारण (संशोधन) विधेयक और उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने मप्र निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक पेश किया।
विदिशा सीट छोड़ने की सदन को सूचना
विधानसभा अध्यक्ष डा. शर्मा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विदिशा विधानसभा क्षेत्र से 19 दिसंबर को दिए गए त्यागपत्र की सूचना सदन को देने की औपचारिकता पूरी की। चौहान ने हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव विदिशा के अलावा बुधनी सीट से भी लडा था। दोनों ही सीट से विजयी होने के कारण नियमों के तहत उन्होंने एक सीट से त्यागपत्र दिया है।