भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे को मर्यादा में रहने की नसीहत देते हुए कहा कि इस पद की कुछ मर्यादाएं और मान्य परंपराएं हैं और इनका ध्यान रखा जाना चाहिए।
चौहान ने विधानसभा में उपाध्यक्ष के निर्वाचन के बाद कटारे के संबोधन के समय उस समय हस्तक्षेप किया जब उन्होंने मुख्यमंत्री के मीठा बोलने का जिक्र करते हुए कुछ टिप्पणियां कीं। चौहान ने तत्काल कहा कि वह कभी भी अनावश्यक टोकाटाकी में विश्वास नहीं करते हैं लेकिन कटारे के विपक्ष के नेता बनने के बाद से ही उनमें उतावलापन दिखाई दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दल कांग्रेस की ओर इशारा करते हुए कहा कि इनमें दिखाने की होड़ मची है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कटारे यह दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि पहले वाले नेता प्रतिपक्ष कुछ नहीं थे। उन्होंने कहा कि सदन और पदों की मर्यादाएं होती हैं। वैसे भी मीठा बोलना कोई अपराध नहीं हैं।