गंज बासौदा - बासौदा प्रशासन ने गत दिनों बासोदा को जिला बनाओ अभियान के अनशन स्थल को तुरत फुरत अतिक्रमण का नोटिस थमा कर ,अनशन कारियों को अस्पताल में भर्ती करा कर जिस तरीके से अमानवीय पूर्ण कार्य वाही कर आम जन की नजरों में खुद की व बीजेपी सरकार की विशेषकर मुखिया ,मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की सांसद की व स्थानीय विधायक की थू थू करा दी व जनता की नजरों में किरकिरी करा दी है , उसका कोई संतोष जनक जवाव प्रशासन व सत्ता पक्ष का कोई अधिकारी नहीं दे पा रहा है .
एस .डी. एम् . का कहना था कि भक्त जन मंदिर की परिक्रमा कर सकें इसलिए इस स्थान का अतिक्रमण हटाया गया है , लेकिन मंदिर के दायीं तरफ मंदिर से लगी हुई एक प्याऊ मौजूद है व पीछे की तरफ लगा हुआ एक अतिक्रमण एवं विधुत मंडल की डी पी. , फिर परिक्रमा कहाँ से और कैसे होगी इस सवाल का जवाव किसी के पास नहीं है ..और तो और मंदिर के बाईं तरफ नाली खोद कर गड्ढा कर दिया है जो फिलहाल पूरे जय स्तम्भ चोक पर बड़ा ही भद्दा दिखाई दे रहा है , यह अतिक्रमण वास्तव में किसके आदेश पर हटा इसमें भी संशय हो गया है , कोई कुछ कह रहा है कोई कुछ , निश्चित ही ऊपर से राजनैतिक दवाव था ,और यह दवाव किसी और का नहीं स्वयं मुख्य मंत्री शिवराज सिंह चौहान का था जैसा कि मीडिया के अनेक पत्रकारों ने निर्भीक कलम से लिखा कि बासोदा को जिला बनाओ अभियान समिति के संयोजकव बीजेपी के नेता शैलेन्द्र सक्सेना के नेतृत्व में चल रहे इस जन आन्दोलन को व आमरण अनशन को जनता में भारी समर्थन मिल रहा था इससे कुछ नेताओं में व प्रशासन में जवर्दस्त वोखलाहट पैदा हो गई थी , ऊपर से हरी झंडी मिलते ही इन लोगों ने हिटलर शाही का नंगा नाच बासोदा में आधी रात को दिखाया व लुट पात तक मचवा दी , अनशनकारियों के विस्तार , कुर्सियां , माइक तक लूट ली गई , गरीवों की गुमठियां व वेवस मजदूरों का टीन शेड भी गिरा दिया वो भी अनशन कारी शैलेन्द्र सक्सेना व अस्सी वर्ष के बुजुर्ग भैया लाल चौहान को अस्पताल में भर्ती करवाने के पश्चात .इसके बाद बासोदा के दो जावांज युवा नेताओं रोहित भावसार व शैलेन्द्र रघुवंशी ने प्रशासन के इस अंधे कानून का तीव्र विरोध करते हुए आधी रात को ही प्रशासन के खिलाफ जम कर नारे लगाए व् प्रशासन के विरोध में आम जनता द्वारा जुलुस निकाला गया जिससे साफ़ हो गया कि नगर की जनता शैलेन्द्र के साथ है.
आधी रात को अतिक्रमण हटाने का किस संविधान में प्रावधान है ... यह बताने को कोई अधिकारी तैयार नहीं है, अब सवकी बोलती बंद है , पूरे गंज बासोदा में इस बात कि चर्चा प्रमुख चोरहों पर है कि इस शांति पूर्ण व जन हित कारी जन आन्दोलन का बाबा राम देव जी के आन्दोलन की तरह दमन किया गया है जिसका परिणाम बीजेपी को चुकाना ही पड़ेगा जवकि पूरा नगर जगह जगह अतिक्रमण से भरा पड़ा है लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता व बीजेपी के ही नेता सुषमा स्वराज के कट्टर समर्थक शैलेन्द्र सक्सेना की जनता में बढती हुई लोक प्रियता कुछ नेताओं को पसंद नहीं आई और उनने यह षड्यंत्र प्रशासन के साथ मिल कर रचा . इससे , जनता में भारी नाराजी है , नगर के कई प्रबुद्ध गणमान्य नागरिकों ने मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री को व सांसद सुषमा स्वराज को पत्र लिख कर मांग की है कि इस काण्ड के खल नायक गंज बासोदा के प्रशसनिक अधिकारी एस. डी .एम् ., नपा .सी .एम् .ओ . , टी .आई ., तहसील दार ,नायव तहसील दार व् उन सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया जाए जो इस जन आन्दोलन को दवाने की दुशासनी भूमिका निभा रहे थे अन्यथा शिवराज सिंह चौहान को गंज बासोदा की जनता द्वारा आशीर्वाद नहीं मिलेगा , नगर के ही सत्ता रूढ़ दल बीजेपी के ही अधिकाँश नेता दावी जुवान में यही कह रहे हैं जो हुआ अच्छा नहीं हुआ ..इसके घातक परिणाम आयेंगे जो किबीजेपी के लिए शुभ नहीं होंगे हाँ यदि शिवराज सिंह चौहान अपने वादे को निभा कर बासोदा को जिला बनाने कि घोषणा कर दें व इस मुहिम के सूत्रधार शैलेन्द्र सक्सेना को ही बीजेपी से टिकिट दिल कर चुनाव लडवा दें तो जनता का आशीर्वाद उन्हें मिल सकता है पर क्या स्थानीय नेताओं का दंभ यह सव आसानी से होने देगा , भले ही बीजेपी को नुक्सान हो जाए लेकिन इन नेताओं का अहंकार अपनी कुटिल नीतियों द्वारा .जिला बनाने में व शैलेन्द्र सक्सेना के मार्ग में अद्गंगे लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा .जो अन्ततोगत्वा बीजेपी के लिए ही अशुभ होगा .