जबलपुर। मंत्रिमंडल के मंत्रियों का नाम किसी की डायरी में लिखे जाने से यह तो साबित नहीं होता कि वह दोषी है. जबलपुर प्रवास के दौरान अपने दो मंत्रियों पर खनिज कारोबारी से पैसे लेने संबंधी जानकारी उनकी डायरी में लिखी होने की बात पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।
आयकर विभाग के छापे में खनिज कारोबारी के यहां से जब्त डायरी में दो मंत्रियों को पैसे देने का जिक्र है जिसे सिरे से खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी डायरी में नाम होने से कोई दोषी नहीं होता. उन्होंने कहा कि मंत्री राजेंद्र शुक्ल इस मामले में भोपाल में अपनी बात कह चुके हैं.
प्रदेश सरकार और राज्यपाल के बीच विधानसभा सत्र को लेकर चल रहे कथित टकराव के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल द्वारा भेजा गया पत्र सरकार को मिल गया है, इसपर विधि विशेषज्ञों से परामर्श कर जल्द ही इसका जवाब दे दिया जाएगा.
विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की मांग लेकर कांग्रेस द्वारा प्रदेश भर में की जा रही अविश्वास सभा को मुख्यमंत्री ने गलत बताया. उनका कहना था कि कांग्रेस विधान सभा की गरिमा का मखौल उड़ा रही है जोकि कतई उचित नहीं है. विधानसभा में जो हुआ वह परिस्थितिवश था सरकार बहस से भाग नहीं रही है.
श्री सिंह ने कहा कि पहले भी विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सदन में 25 घंटे चर्चा कराई गई थी. उन्होंने कांग्रेस पर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता सब जानती है.