भोपाल। नेता प्रतिपक्ष श्री अजय सिंह ने कहा है कि शराब माफियाओं, भू-माफियाओं, फरार चिटफंड कंपनियों और यहां तक की डाउ-कैमिकल्स से चंदा लेने वाली भाजपा को भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना देने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद से कहा कि वे भष्टाचार के खिलाफ वाकई में ईमानदार है तो इसकी शुरूआत मध्यप्रदेश से करे।
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ धरना देने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए नेता प्रतिपक्ष श्री सिंह ने कहा कि वे इसे खत्म करने की शुरूआत अपने घर से करें और अपने गिरेबान में झांके तो पता चलेगा कि मध्यप्रदेश के एक दर्जन मंत्री लोकायुक्त के घेरे में है और कई पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं।
उन्होंने कहा कि आज भ्रष्टाचार के मामले में मध्यप्रदेश ने अजब और गजब मिसालें कायम की। पूरे शासन-प्रशासन का भाजपा मंत्रियों और नेताओं ने भ्रष्टाचारीकरण कर दिया है। एक साल में लगभग बारह सौ करोड़ रूपये छापों में गरीब जनता के हित में लगने वाला पैसा मिला। उन्होंने कहा कि हाल ही में एसोसिएशन आॅफ डेमोक्रेटिक राइटस और मध्यप्रदेश इलेक्शन वाच ने जो रिपोर्ट जारी की है उसके विवरण जो आए है वह भाजपा की शुचिता, संस्कृति का ढोंग और पोल के साथ ही भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी मानसिकता को उजागर करता हैं।
उन्होंने कहा कि जो पार्टी शराब माफिया और भू-माफिया, अवैध उत्खनन के साथ ही गरीब जनता का पैसा लेकर भाग जाने वाली चिटफंड कंपनी से चंदा लेती हो उसकी भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन की गंभीरता और असलियत क्या है। इसका पता चलता है। उन्होंने कहा कि दिलीप सूर्यवंशी और सुधीर शर्मा के यहां पड़े छापों से पूरी सरकार हिल गई थी। मुख्यमंत्री सहित, मंत्रियों और तत्कालिन भाजपाध्यक्ष तक इसकी जद में आए।
नेता प्रतिपक्ष श्री सिंह ने कहा कि वे वाकई में भ्रष्टाचार से विचलित हैं, उसे समाप्त करना चाहते है तो धरने के बाद घोषणा करे कि इसकी शुरूआत मध्यप्रदेश से करेंगे और सबसे पहले डंपर कांड के मुख्य अभियुक्त मुख्यमंत्री से इसकी शुरूआत करेंगे।
किस किस मंत्री पर लगे हैं कौन कौन से कलंक
---------------------------------------
श्री शिवराज सिंह चौहान
मुख्यमंत्री
मध्यप्रदेश शासन
मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन गलत नाम पता लिखाकर रीवा में डंपर खरीदे। डंपर खरीदने के बाद उसे जेपी उद्योग में लगवाया। इसके एवज में उसे अवांछित फायदा पहुंचाया। लोकायुक्त में शिकायत की। लोकायुक्त ने क्लीनचिट दी कारण लोकायुक्त की नियुक्ति अपने पसंद की कराई। लोकायुक्त के बेटे को विदेश की सैर कराई और उसके इंदौर स्थित व्यवसाय को लाभ पहुंचाया। हाईकोर्ट ने लोकायुक्त की क्लीनचिट पर नोटिस दिया और संपूर्ण प्रकरण की फाईल तलब की।
मुख्यमंत्री के भाई की जेसीबी मशीन अवैध उत्खनन करते हुए जब्त की गई। मुख्यमंत्री के परिजन नर्मदा नदी के किनारे पर अवैध उत्खनन के आरोपी है। बगैर नंबर के डंपर से दो लोगों को कुचला। इस डंपर के मालिक का नाम प्रद्युम्न सिंह चौहान जो मुख्यमंत्री के भतीजे है। मुख्यमंत्री के साले संजय सिंह मंसानी इनकी निलाक्ष कंन्ट्रक्शन कंपनी का नियम विरूद्ध पंजीयन किया और ठेके दिये।
---------------------------------------
श्री कैलाश विजयवर्गीय
उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री
सुगनी देवी जमीन घोटाले सिंहस्थ घोटाला एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन घोटाले के आरोपी।
---------------------------------------
श्री नरोत्तम मिश्रा
लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री
इनके खास ड्राइवर उस्मान खान के पांच बैंक लाकरों से सवा करोड़ रूपये और बहुमूल्य जेवर मिले इंकमटैक्स के छापे में। नागार्जुन कन्स्ट्रक्शन कंपनी से 15 करोड़ रिश्वत लेने का आरोप। चुनाव मे गलत शपथ पत्र देने पर निर्वाचन आयोग द्वारा एफआईआर करने के निर्देश। इंकमटेक्स द्वारा 4 करोड़ रूपये का टेक्स चुकाने का नोटिस।
---------------------------------------
श्री अजय विश्नोई
पशुपालन मंत्री
दवा घोटाले में इनके पेतृक निवास पर आयकर का छापा। कामधेनु योजना में घोटाले का आरोप। पशु चिकित्सक अधिकारी से पोस्टिंग के लिए पत्नी पेश करने की मांग।
---------------------------------------
श्री उमाशंकर गुप्ता
गृहमंत्री
ठगी के अरोप में गिरफ्तार, शरद अवस्थी उमाशंकर के नजदीकी। जिन्होंने पुलिस में भर्ती के नाम पर लोगों से तीन-तीन लाख रूपये उगाहे। पीडि़त पक्ष ने शपथ पत्र के साथ शिकायत की कोई कार्यवाही नहीं हुई।
---------------------------------------
श्री राजेन्द्र शुक्ला
ऊर्जा एवं खनिज राज्यमंत्री
मंत्री पद पर रहते हुए व्यवसायिक गतिविधियों में पाटनर बने। संवैधानिक शपथ का उल्लंघन किया।
---------------------------------------
श्री नागेन्द्र सिंह
लोक निर्माण मंत्री
नागेन्द्र सिंह के भाई और भतीजों द्वारा उचेहरा एवं नागौद परिक्षेत्र में अवैध उत्खनन के बारे में अतिरिक्त मुख्य वन सरंक्षक जगदीश शर्मा ने गोपनीय रिपोर्ट दी जिसमें इन्हें दोषी बताया। और बेल्लारी से बड़ा खनन घोटाला बताया। नागेन्द्र सिंह के ही भतीजों ने बरमेन्द्र एग्रोटेक कंपनी के माध्यम से मनरेगा में अपनी निजी नर्सरी से पौधे बेच दिये। इसमें 30 करोड़ का घोटाला हुआ। मनरेगा के नियमों के अनुसार निजी नर्सरी से पौधे खरीदना प्रतिबंधित है। एबीसी एसोसिएटेड को अवांछित लाभ दिया गया क्यों कि इसके भागीदारों में नागेन्द्र सिंह के भाई, भतीजें है। मई 2010 में बंाधव नेशनल पार्क मंे एक बाघ की मृत्यु हुई यह बाघ नागेन्द्र सिंह के बेटे श्यामेन्द्र सिंह की जीप की टक्कर से मारा गया पर मामला दबा दिया गया।
---------------------------------------
श्रीमती अर्चना चिटनिस
स्कूल शिक्षा मंत्री
ब्लेकबोर्ड पुताई में 11 करोड़ रूपये का घोटाला। आरएसएस की पुस्तक देवपुत्र खरीदी के नाम पर 14 करोड़ रूपये का घोटाला।
---------------------------------------
श्रीमती रंजना बघेल
महिला बाल विकास राज्यमंत्री
इनके भतीजे को बलात्कार के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया।
---------------------------------------
श्री लक्ष्मीकांत शर्मा
उच्च शिक्षा मंत्री
खनिज मंत्री रहते हुए अवैध रूप से कई खदानों के आवंटन में घोटाले का आरोप। दिलीप सूर्यवंशी-सुधीर शर्मा के यहं पड़े छापे में इटली पिस्तौल जप्त।
---------------------------------------
श्री जगन्नाथ सिंह
श्रम मंत्री स्वेच्छा अनुदान राशि अपने परिवार वालों को बोंटने और पेट्रोल पंप लेना।
---------------------------------------
श्री पारस जैन
सार्वजनिक .... गेहूं खरीदी घोटाला।
---------------------------------------
श्री नारायण सिंह कुशवाह
गृह राज्य मंत्री
इनके दामाद ग्वालियर में गरीबों से चिटफंड के नाम पर लाखों रूपये की राशि वसुलने के आरोपी।
---------------------------------------
श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह
किसान कल्याण कृषि एवं लोक सेवा विकास राज्य मंत्री
गरीब आदिवासियों के नाम पर खदाने आबंटित कराके अवैध उत्खनन और उनका शोषण।
---------------------------------------
श्री ईश्वरदास रोहाणी
अध्यक्ष
मध्यप्रदेश विधानसभा
जबलपुर के अब्दुल रज्जाक ग्रुप से घनिष्ट संबंध जिन्हें अवैध उत्खनन और अवांछित गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया।