अब चलती ट्रेन में दर्ज होगी एफआईआर

0
भोपाल। सफर के दौरान आपके साथ कोई वारदात होती है तो चलती ट्रेन में ही लैपटॉप या मोबाइल फोन के जरिए जीआरपी में एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी। इस दौरान आपको ट्रेनों में होने वाले अपराधों में सक्रिय बदमाशों की तस्वीर भी दिखाई जाएगी। साथ ही आपके द्वारा बताए गए हुलिए पर चलती ट्रेन में ही उस संदिग्ध का स्केच तैयार कराया जाएगा, ताकि उसे जल्द से जल्द दबोचा जा सके। देश में पहली बार शुरू हो रही इस हाइटेक व्यवस्था को आने वाले छह महीने में मप्र जीआरपी लागू कर देगी।

इसके तहत क्विक इन्वेस्टिगेशन रिस्पांस टीम (क्यूआईआरटी) चलती ट्रेन में एफआईआर तो दर्ज करेगी, साथ ही फरियादी से टीम का रिस्पांस भी जाना जाएगा। इसके लिए प्रदेश स्तर पर एक कंट्रोल रूम तैयार कराया जा रहा है। पैसेंजर फ्रेंडली इनिशिएटिव ऑफ जीआरपी मप्र नाम से शुरू हो रही इस व्यवस्था पर 10 करोड़ खर्च होंगे। इसके लिए राज्य सरकार ने दो करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। ऐसा पहली बार होने जा रहा है, जब किसी सरकार ने जीआरपी में होने वाले अपराधों पर लगाम लगाने व उनका निराकरण करने के मकसद से इतनी राशि खर्च की हो।

सफर के दौरान बरतें ये सावधानी
:आपका सहयात्री सफर के दौरान रात में नहीं सो रहा है तो सावधान रहें।
:बदमाश अमूमन नशे में वारदात को अंजाम देते हैं, लिहाजा सहयात्री नशे में है तो खतरा हो सकता है।
:किसी भी अंजान पर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है।
:सफर के दौरान दूसरे का दिया खाद्य पदार्थ न खाएं।

ऐसी रहेगी प्रक्रिया
कोई वारदात होने पर फरियादी ट्रेन में चल रहे टीटीई या जीआरपी स्टाफ को इसकी सूचना देगा। फरियादी के नाम और मोबाइल फोन नंबर समेत यह सूचना प्रदेश स्तर पर बने कंट्रोल रूम को दी जाएगी। कंट्रोल रूम का स्टाफ अगले स्टेशन पर जीआरपी थाने के वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क कर उसका नाम और मोबाइल फोन नंबर फरियादी को एसएमएस करेगा। इसके बाद उक्त अधिकारी को फरियादी से मिलकर उसकी एफआईआर दर्ज करने के बाद इसकी सूचना कंट्रोल रूम को देनी होगी। इसके लिए फरियादी को अपना सफर ब्रेक करने की भी जरूरत नहीं रहेगी। जीआरपी के वरिष्ठ अफसरों की मॉनिटरिंग के दौरान ही फरियादी से फीडबैक भी लिया जाएगा।

घर बैठे जानिए अपने गुम सामान का ब्योरा
इसके तहत वेब बेस्ड इन्फॉर्मेशन सिस्टम भी तैयार किया जा रहा है। जीआरपी की एक वेबसाइट बनाई जाएगी। इसमें लावारिस जब्त संपत्ति, अज्ञात मृतकों के फोटो, गुम इंसान की फोटो अपलोड की जाएगी। इससे देश में कहीं भी बैठकर अपने गुम या चोरी  हुए सामान समेत परिवार की जानकारी ले सकता है।

इससे पहले ऐसे लोगों को थानों के चक्कर काटने पड़ते थे। इसके अलावा ट्रेन से जुड़े अपराधों के निराकरण के लिए जीआरपी का एक अलग सायबर फॉरेंसिक सेल भी तैयार किया जा रहा है।

...ताकि सलीके से बात करें पुलिसकर्मी
आमतौर पर शिकायत रहती है कि फरियादी से पुलिसकर्मियों का बर्ताव ठीक नहीं रहता। नई व्यवस्था के तहत जीआरपी के सभी कर्मचारियों/अधिकारियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें उन्हें पेशेवर बनने और जनता से सलीके से बात करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। रेलवे स्टेशन पर अपराधों से बचने के संदेश प्रसारित किए जाएंगे। साथ ही एलईडी टीवी पर ट्रेनों में सक्रिय अपराधियों की तस्वीरें भी आम जनता को दिखाई जाएंगी, ताकि उनके बारे में पुलिस को सूचना मिल सके।

यात्रियों को सुविधा होगी
॥जीआरपी में पैसेंजर फ्रेंडली इनिशिएटिव लिए गए हैं, इसे जल्द से जल्द लागू किए जाने के लिए काम भी शुरू कर दिया गया है। इससे न केवल ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों को अपराध दर्ज करवाने में मदद मिलेगी, बल्कि अपराधों के डिटेक्शन और बदमाशों की धरपकड़ में भी सुधार आएगा।
एमएस गुप्ता, एडीजी रेल, मप्र

ट्रेनों में साल दर साल बढ़े अपराध

साल अपराध
2009 560
2010 410
2011 525
2012 587
2013 269
(आंकड़े अप्रैल-२०१३ तक के)
भोपाल समाचार से जुड़िए
कृपया गूगल न्यूज़ पर फॉलो करें यहां क्लिक करें
टेलीग्राम चैनल सब्सक्राइब करने के लिए यहां क्लिक करें
व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए  यहां क्लिक करें
X-ट्विटर पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
फेसबुक पर फॉलो करने के लिए यहां क्लिक करें
समाचार भेजें editorbhopalsamachar@gmail.com
जिलों में ब्यूरो/संवाददाता के लिए व्हाट्सएप करें 91652 24289

Post a Comment

0 Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!