भोपाल। केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि मप्र 'भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला' बन गया है। यहां के अधिकारी भ्रष्ट हैं। आईएएस अफसर जोशी दंपती सहित कई मामले चर्चा में हैं। भ्रष्टाचार और अपराध के गठजोड़ का ही नतीजा है कि यहां रोजाना दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं।
सिब्बल प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में रविवार को पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा- पूरे देश में एलओसी का अर्थ लाइन ऑफ कंट्रोल यानी नियंत्रण रेखा होता है, लेकिन मप्र में यह लेबोरेटरी ऑफ करप्शन (भ्रष्टाचार की प्रयोगशाला) है। उन्होंने गणित की भाषा में कहा- यहां करप्शन और क्राइम मिल कर 'सी स्क्वायर' हो गया है।
भ्रष्टाचार के संबंध में सिब्बल के बयान पर प्रदेश के अफसरों ने एतराज जताया है। मप्र प्रशासनिक सेवा संघ (एसएएस) के अध्यक्ष जीपी माली ने कहा कि नेताओं को अफसरों के संबंध में एक जैसी राय नहीं रखना चाहिए। मप्र आईएएस ऑफिसर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष अरुणा शर्मा और आईएफएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के सचिव अरुण कुमार ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
सिब्बल से जब केंद्रीय मंत्री पवन बंसल सहित अन्य मंत्रियों के भ्रष्टाचार के संबंध में सवाल पूछे गए तो बोले- भ्रष्टाचार सब तरफ है। भाजपा के साथ कांग्रेस में भी भ्रष्टाचार है। संस्कारों की कमी और बढ़ता उपभोक्तावाद इसके लिए जिम्मेदार है।