भोपाल। हिन्दी फीचर फिल्म गिप्पी में उपयोग किए गए आपत्तिजनक संवादों को लेकर मध्यप्रदेश का बाल आयोग पिछले रोज केन्द्रीय एवं सूचना प्रसारण विभाग दिल्ली जा पहुंचा और वहां से अपनी आपत्ति सेंसरबोर्ड को फैक्स की।
करन जौहर की फिल्म गिप्पी की मुश्किलें फिलहाल कम होती नहीं दिख रही है। टीनएज गर्ल्स् द्वारा बोले गए संवाद को लेकर देशभर में ये फिल्म चर्चा का विषय बनी हुई है। इसमें टीनएज बच्चों की स्कूल और कॉलेज में होने वाली पॉलिटिक्स भी दिखाई गई है।
फिल्म में लीड रोल कर रही गिप्पी अपने स्कूल में हेड गर्ल के चुनाव के लिए खड़ी होती है। इस फिल्म में किशोर होते युवक-युवतियों की क्या मनोदशा होती है, उनके कदम किस तरह भटकने से बचाएं जाएं जैसे कुछ गंभीर मुद्दों को उठाया गया है।
मप्र बाल अधिकार आयोग करण जौहर की 10 मई को रिलीज होने वाली फिल्म गिप्पी को लेकर गंभीर हो गया है। आयोग ने दिल्ली में केंद्रीय सूचना प्रसारण विभाग सचिव उदय वर्मा से मिलकर उन्हें फिल्म के बारे में जानकारी दी।
आयोग के सदस्य विभांशु जोशी ने बताया कि श्री वर्मा ने फिल्म से बच्चों पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों के विषय में जानने के बाद फिल्म डिवीजन के अधिकारियों को बाल आयोग का पत्र सेंसर बोर्ड को फैक्स कर दिया।