अनूपपुर। राजेश शुक्ला। प्रकाश और विकास की बात को लेकर जिले की जनपद जैतहरी मे मोजर बेयर प्रबंधन द्वारा वर्ष 2008 मे ताप विद्युत गृह की नींव रखी। मीडिया, जनप्रतिनिधियों व परियोजना से प्रभावितों ने विकास को लेकर हर मोड पर प्रबंधन का साथ दिया, लेकिन 5 मई 2012 को मोजर बेयर के गेट नंबर 2 पर मांगों को लेकर अडे प्रभावित किसानों व प्रशासन के बीच न घटने वाली घटना घटित हो गई, जिसमे दर्जन भर से ज्यादा प्रशासनिक अधिकारी आहत हुए।
यहां तक कि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक एन.पी.बरकडे एवं तहसीलदार पुष्पेन्द्र निगम और एसडीएम प्रकाश सिंह चौहान को गंभीर चोटें पहुंची। इसके बावजूद प्रबंधन 5 मई का दिन भूलते हुए संवेदनाओं को रौंदने तैयार हुआ और दिल्ली से आई हुई टीम के सामने वाह-वाही लूटने प्रेस टूर बुलाया गया। मीडिया ने प्रबंधन की इस बात का खुलेआम बहिष्कार करते हुए अब तय किया कि प्रबंधन जब तक पूरे मामले मे सामने आकर माफी नहीं मांग लेता तब तक उसका विरोध जारी रहेगा।
अगस्त 2003 को अनूपपुर को जिले की सौगात मिली, उसके बाद जिले के विकास के लिए मीडिया, जनप्रतिनिधियों एवं बुद्धिजीवी वर्ग के साथ आम जनता ने कदम बढाने शुरू किए। विकास की कडी मे वर्ष 2008 को एक नया आयाम तब जुडा जब मोजर बेयर प्रबंधन ने जनपद जैतहरी क्षेत्र मे ताप विद्युत गृह के स्थापना का प्रस्ताव सामने रखा।
परियोजना क्षेत्र से प्रभावित आदिवासी किसानों, जिले के जनप्रतिनिधियों एवं मीडियाकर्मियों ने संयुक्त बैठक कर मोजर बेयर प्रबंधन के साथ ताप विद्युत गृह की स्थापना के लिए कदम बढा दिए। प्रबंधन ने इसे जिलेवासियों, प्रभावितों व मीडियाकर्मियों की मानो मजबूरी समझ ली और लुभावने वादे करने शुरू कर दिए।
शासन द्वारा तय 2002 की पुनर्वास नीति का पालन न करने पर जिले से लेकर विधानसभा तक आवाज उठाई गई, फिर भी सारे लोग ताप विद्युत गृह प्रारंभ कराने के लिए जुटे रहे। इसी कडी मे प्रभावितों का नेतृत्व करने बाहर से पहुंचे नेताओं का जिले के तमाम लेागों ने विरोध किया। इसके बावजूद 5 मई 2012 दिन शनिवार जिले के इतिहास मे अपनी घटना को लेकर मोजर बेयर प्रबंधन की वजह से दर्ज हो गया। एक वर्ष पूर्व की घटना को मोजर बेयर प्रबंधन तो भूल गया लेकिन न तो प्रभावितजन उस घटना को भूल पाए और न ही प्रशासन एवं मीडियाकर्मी। इसीलिए 5 मई 2013 दिन रविवार को मोजर बेयर प्रबंधन द्वारा बुलाए गए प्रेस टूर का मीडिया ने एकजुट होकर बहिष्कार करते हुए आगे की रणनीति तय की।