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क्या लोकसभा में फिर भाजपा के दिन फिरेंगे ? | EDITORIAL

Thursday, May 24, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  भारतीय जनता पार्टी राज्य सभा में तो बहुमत में थी ही नहीं कर्नाटक चुनाव के बाद के घटनाक्रम ने उसे लोकसभा में भी अकेले...

मप्र जनसंपर्क सबकी भौजाई | EDITORIAL

Wednesday, May 23, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  यह बात भले ही प्रदेश के एक मंत्री जी ने कल सुबह मजाक में कही थी, शाम तक सही हो गई। मंत्री जी ने कहा था कि “पत्रकार स...

कर्नाटक की सत्ता में कांग्रेस की भागीदारी ? | EDITORIAL

Tuesday, May 22, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  कर्नाटक में भाजपा विरोधी कहे जाने राजनीतिक दल 23 मई को एकत्र हो रहे हैं। कुमारस्वामी मंत्रीमंडल की शपथ के बहाने 2019...

मोदी–पुतिन मुलाकात और चंद सवाल | EDITORIAL

Monday, May 21, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  रूस के शहर सोची में आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात होने वाली है।...

ये रास्ते तो आपातकाल को जाते हैं | EDITORIAL

Sunday, May 20, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  कर्नाटक में नाटक का एक अध्याय समाप्त हुआ। 55 घंटे के मुख्यमंत्री का ख़िताब लेकर येदुरप्पा रवाना हो गये, अब सोमवार से ...

कर्नाटक: राजभवनों के विवेक पर प्रश्न चिन्ह | EDITORIAL

Saturday, May 19, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  कर्नाटक की नई सरकार कौन बनाये यह मामला राजभवन से हटकर सर्वोच्च न्यायलय तक गया, जैसे तैसे एक रास्ता निकला, तो अब राज्...

कश्मीर: यह फैसला सही नहीं | EDITORIAL

Friday, May 18, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  केंद्र द्वारा रमजान के बहाने से जम्मू-कश्मीर में संघर्ष विराम बहुत दूरदर्शी फैसला नहीं है, इसका शायद ही कोई सकारात्म...

इंटरनेट: उपकरण है, हथियार नहीं ! | EDITORIAL

Thursday, May 17, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  भारत का इंटरनेट उपभोक्ता समाज और विशेषकर मीडिया जगत के लोग बिना किसी सूचना के इंटरनेट शट डाउन के शिकार हो जाते हैं...

देश गंभीर अर्थ संकट में फंस सकता है ? | EDITORIAL

Wednesday, May 16, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  जब यह केंद्र सरकार बनी थी तब सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के सामने दो आर्थिक चुनौतियां थीं। सबसे पहली चुनौती महंगाई की...

राहुल गांधी, सिर्फ कर्नाटक नहीं पूरा करियर ही हार गए हैं

Tuesday, May 15, 2018

उपदेश अवस्थी। कर्नाटक चुनाव से पहले तक कहा जाता था कि राहुल गांधी को फ्रीहेंड नहीं मिलता। यदि फ्रीहेंड मिल जाए तो वो अपने व्यक्तित्व का कर...

हम ही जिम्मेदार है, मौसम के बिगड़े मिजाज़ के | EDITORIAL

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  मौसम के बिगड़े मिजाज़ ने पिछले 2 दिनों में 50 जाने ले ली। इस विषय को लेकर जारी भविष्यवाणी बहुत सटीक नही आंशिक सटीक साब...

कर्नाटक: विजेता होने के लिए जेडीएस का साथ जरूरी | EDITORIAL

Monday, May 14, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  कर्नाटक में हए मतदान के बाद तमाम राष्ट्रीय और क्षेत्रीय चैनलों ने अपने-अपने एग्जिट पोल के नतीजे पेश किये। 12 एग्जिट ...

पता नहीं कौन शहीद हुआ, जंग-ए-आज़ादी में ? | EDITORIAL

Sunday, May 13, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  यह तो देश का दुर्भाग्य है की उसके पास वह सूची नहीं है जो यह बता सके कि भारत की आजादी की लड़ाई में किन वीरों ने अपने ...

कब तक सडक पर फेंकते रहेंगे कृषि उत्पाद ? | EDITORIAL

Saturday, May 12, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  सब्जियां उगाने वाले किसानों को नाममात्र का प्रतिफल मिलने की वजह से अपनी फसलें नष्ट करने या सड़कों पर फेंक देने के बा...

राहुल उवाच के अर्थ | EDITORIAL

Friday, May 11, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  कोई इसका कुछ भी अर्थ निकाले कांग्रेस के लिए कुछ भी करने वालों के लिए इस बात का व्यापक अर्थ है कि 2019 में पार्टी की ...

अपर्याप्त कानून और बांधों की सुरक्षा | EDITORIAL

Thursday, May 10, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  बारिश जब आएगी, तब आएगी अभी तो मौसम की मार देश झेल रहा है। मौसम का मिजाज़ ओर मीजान मिलाने में हमारा हाथ हमेशा तंग रहा ...

चुनावी भाषण नेताओं के विवेक पर प्रश्नचिन्ह | EDITORIAL

Wednesday, May 9, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  कर्नाटक चुनावों में नेताओं के भाषण, गरिमा के एक और निचले पायदान पर खिसक गये। उपमा के प्रतिमान अब कौवे-कुत्ते तक उतर ...

वैश्वीकरण: दुनिया और बिखर गई | EDITORIAL

Tuesday, May 8, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  वैश्वीकरण के 25 साल बाद ऐसा लगता है कि विश्व में कुछ और बंटा ही नही है, बल्कि यह बिखर भी गया है। जानबूझकर की गई गलति...

दलितों के साथ भोजन : यह धोखे बंद कीजिये | EDITORIAL

Sunday, May 6, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  यह अभी बहस का एक मुद्दा हो सकता है, पर दिखावे के पाखंड को दूर करें तो देश में एक बड़ा आन्दोलन और समाज में बदलाव आ सकत...

बैंको को इन सवालों के जवाब चाहिए | EDITORIAL

Saturday, May 5, 2018

राकेश दुबे@प्रतिदिन।  विश्व की उभरती  आर्थिक शक्ति भारत के  सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का मनोबल गिरा हुआ है। वे सीबीआई, सीवीसी, सीएजी और ...

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