प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के विजन को धरातल पर उतारते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्य को एक ग्लोबल इंडस्ट्रियल हब (Global Industrial Hub) बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं। मध्य प्रदेश की निर्यात रैंकिंग 15 नंबर से 11 नंबर तक पहुंच चुकी है और जल्दी ही मध्य प्रदेश भारत के टॉप टेन राज्यों में शामिल होगा। पिछले ढाई साल में मध्य प्रदेश का एक्सपोर्ट लगभग 10% बढ़ गया है। मिशन GYAN (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति) पर ध्यान केंद्रित करते हुए, राज्य सरकार ने 'ग्लोबल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव' और 'रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव' जैसे Innovations के माध्यम से प्रदेश की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है। प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों के सफल कार्यकाल की प्रेरणा से मध्यप्रदेश आज न केवल विकास की दौड़ में शामिल है, बल्कि नेतृत्व करने की स्थिति में पहुँच गया है।
MSME Sector in Madhya Pradesh Employment and Development Policy 2025
मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था में MSME Sector (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) एक बड़े इंजन के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 24 लाख से अधिक सक्रिय एमएसएमई इकाइयां हैं, जो लगभग सवा करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान कर रही हैं। राज्य की 'MSME Development Policy 2025' के तहत वित्तीय सहायता, तकनीकी अपग्रेडेशन और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार की गंभीरता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 31 मार्च 2026 तक 600 से अधिक इकाइयों को 375 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की जा चुकी है, जिससे स्थानीय स्तर पर भारी निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
One District One Product (ODOP) Scheme MP List and Unity Mall Ujjain
'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP) योजना ने मध्यप्रदेश के पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। इस दूरदर्शी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के कारण मध्यप्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर ODOP में रजत पदक (Silver Medal) हासिल किया है। राज्य के विभिन्न जिलों की विशिष्ट पहचान जैसे धार का बाग प्रिंट, चंदेरी साड़ी, रीवा का सुंदरजा आम और मुरैना की गजक अब वैश्विक बाजारों में चमक रही हैं। इसी क्रम में, उज्जैन में 284 करोड़ रुपए की लागत से 'यूनिटी मॉल' (Unity Mall) बनाने की घोषणा की गई है, जो इन स्थानीय उत्पादों के लिए एक साझा प्लेटफॉर्म साबित होगा।
Benefits of GI Tag for Madhya Pradesh Traditional Handicrafts and Agriculture
स्थानीय कारीगरों और किसानों के हितों की रक्षा के लिए Geographical Indication (GI Tag) एक शक्तिशाली हथियार बनकर उभरा है। मध्यप्रदेश के 26 उत्पादों को अब तक जीआई टैग प्राप्त हो चुका है, जिससे नकली उत्पादों पर रोक लगी है और निर्यात की संभावनाएं बढ़ी हैं। चिन्नौर चावल, बाग प्रिंट और हस्तशिल्प जैसे उत्पादों को जीआई टैग मिलने से न केवल उनकी प्रामाणिक पहचान सुनिश्चित हुई है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उनकी डिमांड और कीमत में भी वृद्धि हुई है, जिससे स्थानीय उद्यमियों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल रहा है।
Mukhyamantri Udhyam Kranti Yojana and Vocal for Local to Global Strategy
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश "वोकल फॉर लोकल" से आगे बढ़कर "ग्लोबल फॉर लोकल" बनने की ओर अग्रसर है। 'मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना' जैसी पहलों के माध्यम से युवाओं को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराकर उन्हें 'जॉब सीकर' से 'जॉब क्रिएटर' बनाया जा रहा है। रेडीमेड गारमेंट्स, फर्नीचर और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में आधुनिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा, मध्यप्रदेश सरकार अंतरराज्यीय सहयोग बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ भी विशेष तालमेल बिठा रही है, ताकि स्थानीय उत्पादों को एक बड़ा और सशक्त बाजार मिल सके। लेखक: आलोक शर्मा।

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