भोपाल, 23 जून 2026: डॉक्यूमेंट में कुछ भी एक दूसरे से कनेक्ट नहीं होता लेकिन ABVP द्वारा किया गया प्रदर्शन, भोपाल कलेक्टर कार्यालय द्वारा जारी की गई स्थगन सूचना और भोपाल पुलिस कमिश्नर द्वारा लगाई गई धारा 163 को एक टेबल पर रखकर देखेंगे तो सब कुछ एक दूसरे से कनेक्ट होता दिखाई देता है।
ABVP GenZ in Bhopal will not be able to hold a protest at Polytechnic Square
अप्रैल के महीने में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने पॉलिटेक्निक चौराहे पर बड़ा ही उग्र प्रदर्शन किया था। विद्यार्थी यहां पर संचालित शराब की दुकान को हटाने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि, आसपास कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान है। लड़कियां भी आती हैं। शराब की दुकान होने के कारण उनको डर लगता है। शराब की दुकान पर खड़े हुए लोग उनको घूरते हैं। कई बार आपत्तिजनक कमेंट भी पास करते हैं। तब SDM ने आश्वासन दिया था कि 15 दिन के भीतर शराब की दुकान को यहां से किसी दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा, लेकिन टाइम लिमिट में ऐसा नहीं हुआ।
कल 22 जून को भोपाल कलेक्टर कार्यालय से प्रेस को सूचना भेजी गई जिसमें बताया गया कि, दुकान के लाइसेंस धारा ठेकेदार द्वारा हाई कोर्ट में याचिका लगाई गई थी और हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखना का आदेश दिया है। इसी के साथ भोपाल के पुलिस कमिश्नर ने पॉलिटेक्निक चौराहा, आकाशवाणी चौराहा, किलोल पार्क चौराहा और इनके बीच के क्षेत्र को BNSS की धारा 163 के तहत दो माह के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है। इसका मतलब होता है कि इस क्षेत्र में चार से अधिक व्यक्तियों का समूह एक साथ खड़े होकर चर्चा भी नहीं कर सकता है। धरना, प्रदर्शन, आंदोलन, सभा, जुलूस और पुतला दहन करने वालों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हालांकि पुलिस कमिश्नर द्वारा लगाई गई धारा 163 में तर्क दिया गया है कि, यह मार्ग एयरपोर्ट, हमीदिया अस्पताल सहित शहर के प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ता है और बीआईपी आवागमन का भी महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में प्रदर्शन या आंदोलन होने पर यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है, लेकिन घटनाक्रम से स्पष्ट है कि, लेटेस्ट न्यूज़ सामने आते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा फिर से प्रदर्शन किया जा सकता है इसलिए प्रतिबंध लगा दिया गया है।

