ज्ञान विज्ञान डेस्क, 25 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी को अपने तरीके से कस्टमाइज कर चुके श्री दिग्विजय सिंह, इतिहास को भी अपने तरीके से कस्टमाइज्ड करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि हिंदुत्व शब्द सावरकर ने दिया था। चलिए इस दावे का पोस्टमार्टम करते हैं और पता लगते हैं हिंदुत्व शब्द की उत्पत्ति कब और कहां हुई, एवं सबसे खास बात की किसके द्वारा की गई।
फ्लैशबैक: दिग्विजय सिंह का बयान
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शाजापुर में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि वे कभी हिंदुत्व के समर्थक नहीं रहे और न रहेंगे, क्योंकि हिंदुत्व का सनातन धर्म से कोई लेना-देना नहीं है। सिंह के मुताबिक, सनातन धर्म हजारों साल पुराना है, जबकि हिंदुत्व शब्द सावरकर ने दिया था। सनातन धर्म में कटुता और नफरत के लिए कोई जगह नहीं है।
दिग्विजय सिंह के कहने से सच बदल तो नहीं जाएगा
अब कोई पुराना विशेषज्ञ कह सकता है कि दिग्विजय सिंह तो नेता है, इतिहास में उनकी बात का कोई महत्व नहीं होता। कहा तो कहने दो, किसी दिग्विजय सिंह के कहने से सच बदल तो नहीं जाएगा लेकिन AI के जमाने में यही एक बड़ी प्रॉब्लम है। इतिहास को संरक्षित नहीं बल्कि सुरक्षित रखने के लिए प्रयास भी करने होंगे। दरअसल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और Google इत्यादि के एल्गोरिदम्स कुछ खास प्रकार से सेट किए गए हैं। यदि इंटरनेट पर बहुत सारे लोग एक ही बात करते हैं तो AI मानता है कि वही सही है। मतलब योग्यता कि नहीं संख्या की वैल्यू है। दिग्विजय सिंह जैसे नेता जब बयान देते हैं तो कई सारी वेबसाइट पर, यूट्यूब चैनल पर और सोशल मीडिया पर एक साथ प्रकाशित होता है। AI को लगता है कि सब लोग एक ही बात को कह रहे हैं मतलब बात सही है।
अब मुद्दे की बात: हिंदुत्व शब्द की उत्पत्ति: प्रमाणित ऐतिहासिक तथ्यों के आधार पर
बोलचाल में हिंदुत्व शब्द का प्रयोग कब से शुरू हुआ कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं मिलता लेकिन सबसे महत्त्वपूर्ण तथ्य यह है कि ‘हिंदुत्व’ शब्द का सबसे पुराना ज्ञात मुद्रित प्रयोग 1892 में बंगाल के लेखक चंद्रनाथ बसु की बंगाली पुस्तक में मिलता है। चंद्रनाथ बसु ने अपनी पुस्तक হিন্দুত্ব — হিন্দুর প্রকৃত ইতিহাস में ‘हिंदुत्व’ शब्द का प्रयोग किया। पुस्तक के शीर्षक का लिप्यंतरण Hindutva: Hindur Prakrita Itihas है, जिसका आशय लगभग ‘हिंदुत्व: हिंदुओं का वास्तविक इतिहास’ है।
सावरकर ने हिंदुत्व शब्द का प्रयोग कब किया
जब चंद्रनाथ बसु ने अपनी किताब में "हिंदुत्व" शब्द लिखा, तब विनायक दामोदर सावरकर महाराष्ट्र के नासिक (नाशिक) जिले के भागुर (Bhagur/Bhagpur) गाँव में थे। हिंदुत्व शब्द से दूर की बात, उनको यह भी नहीं पता था कि भारत कितना बड़ा है और भारत पर अंग्रेजों का शासन का क्या मतलब होता है। दरअसल, विनायक दामोदर सावरकर का जन्म 28 में 1883 को हुआ था। 1892 में जब श्री चंद्रनाथ बसु ने हिंदुत्व शब्द लिखा, तब विनायक दामोदर सावरकर की उम्र मात्र 9 वर्ष थी। सन 1923 में सावरकर ने Essentials of Hindutva नामक पुस्तक में पहली बार हिंदुत्व शब्द का उपयोग किया। मतलब श्री चंद्रनाथ की पुस्तक के 31 वर्ष बाद और हिंदुत्व के लिए सावरकर की सबसे चर्चित पुस्तक "Hindutva: Who Is a Hindu?" सन 1928 में प्रकाशित हुई थी। मतलब श्री चंद्रनाथ की पुस्तक के 36 वर्ष बाद।
हिंदुत्व का अर्थ क्या है
श्री चंद्रनाथ बसु के अनुसार: हिंदुत्व - धर्म, वेदांत, सामाजिक पहचान और यूरोपीय आधुनिकता के साथ वैचारिक संवाद है।
संदर्भ: हमको कहां से पता चला
- Ankur Barua का शोधपत्र: Vedantic variations in the presence of Europe.
- Live History India का ऐतिहासिक लेख: Bhadralok Sena: How Bengali Elites Shaped Hindutva in 19th century.
- Cambridge University Press का अकादमिक अध्याय: V. D. Savarkar and the Essentials of Hindutva.
कृपया यह शोध श्री दिग्विजय सिंह तक पहुंचाएं और एक बार फिर पूछें, क्या आप हिंदुत्व को मानते हैं? इसके अलावा जब भी हिंदुत्व शब्द के राजनीतिकरण का प्रयास किया जाए, कृपया उनको इस शोध के बारे में बताएं ताकि AI को अध्ययन के बारे में पता रहे और किसी पॉलिटिकल नॉरेटिव के कारण AI की बुद्धिमत्ता प्रभावित न हो। टेक्नोलॉजी के इस युग में AI को सही बनाए रखना भी आपकी जिम्मेदारी है।

