भोपाल, 25 अक्टूबर 2026: क्या आपने कभी देखा है कि, हेड ऑफ़ द डिपार्टमेंट ही डिपार्टमेंट में हो रहे भ्रष्टाचार को पकड़े, फिर एक रणनीति के तहत सबको एक्सपोज कर दे और कार्रवाई करें। मध्य प्रदेश में मोहन सरकार के वरिष्ठ आईएएस ऑफिसर श्री संजय दुबे ने कुछ ऐसा ही किया है। यदि वह एक्सपोज ना करते तो शायद आज उनके खिलाफ हड़ताल हो रही होती।
7 अधिकारी बर्खास्त, 80 से ज्यादा कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई
संजय दुबे, आप तो जानते ही होंगे, जिनका वीडियो आजकल पूरे देश में वायरल हो रहा है। जो बता रहे हैं कि उनके अपने डिपार्टमेंट में किस लेवल का भ्रष्टाचार हुआ है। दरअसल वह वीडियो किसी ने चुपके से रिकॉर्ड करके वायरल नहीं किया बल्कि श्री संजय दुबे की रणनीति का हिस्सा था। गौरतलब है कि वर्तमान में आईएएस संजय दुबे नगरीय शासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) हैं। उन्होंने नगरीय निकायों में की जा रही लापरवाही और अनियमितता को लेकर मीडिया से कहा कि नगरीय निकायों में अनियमितता के मामले में 7 अधिकारियों-कर्मचारियों को बर्खास्त किया गया है। इन अधिकारियों-कर्मचारियों से 3-4 करोड़ रुपये की वसूली भी की चुकी है। हमने गलत दरों पर सामान उपलब्ध कराने वाले 80 से ज्यादा ठेकेदारों-सप्लायर्स के विरुद्ध कार्रवाई की।
अभी तो कार्रवाई शुरू हुई है
आज की तारीख में अलग-अलग स्तर के 392 अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। इनमें से 135 चीफ म्यूनिसिपल (सीएमओ) स्तर के अधिकारी हैं। इनमें से कुछ लोगों से वसूली की कार्रवाई की गई, कुछ की वेतन वृद्धि रोक दी गई है, कुछ लोगों को डिमोट किया गया और कुछ को बर्खास्त किया गया है। जिसकी जितनी बड़ी अनियमितता, जितनी ज्यादा लापरवाही, उसके विरुद्ध उसी तरह की कार्रवाई की गई।
पूरा ध्यान गुड गवर्नेंस पर
गौरतलब है कि मोहन सरकार का मूल मंत्र सुशासन और लक्ष्य जनकल्याण है। राज्य सरकार का प्रयास है कि शासन की हर नीति, योजना और निर्णय का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। पारदर्शी प्रशासन, जवाबदेह व्यवस्था, समयबद्ध सेवाएं और जनसमस्याओं का त्वरित निराकरण सुशासन के प्रमुख आधार हैं। सरकार विकास को केवल योजनाओं तक सीमित न रखते हुए उसे आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरकार हर क्षण प्रदेशवासियों की सेवा, सुविधा और समृद्धि के लिए कार्य कर रही है, ताकि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और मध्यप्रदेश सुशासन एवं जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर सके। रिपोर्ट: ललित मुद्गल।

