भोपाल, 20 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश के भिंड में विधायक श्री नरेंद्र सिंह कुशवाहा के सुपुत्र श्री पुष्पेंद्र सिंह कुशवाहा के असमय निधन हो जाने के कारण, नगर पालिका द्वारा दशहरे का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया है। रावण के पुतले का औपचारिक दहन भी नहीं किया जाएगा। पुतले को सुरक्षित रखा गया है।
नगर पालिका परिषद हर साल दशहरे पर रामलीला मंचन और रावण दहन का आयोजन करती है। इस बार भी एमजेएस मैदान में तैयारियां की गई थीं। रावण का पुतला बनकर तैयार था और कार्यक्रम की व्यवस्थाएं की जा रही थीं। विधायक श्री नरेंद्र सिंह कुशवाहा के सुपुत्र का दिल्ली में आज मंगलवार सुबह दिल्ली में इलाज के दौरान निधन हो गया। इसके बाद एमजेएस मैदान में होने वाला रामलीला मंचन और रावण दहन नहीं कराने का फैसला लिया गया। कार्यक्रम रद्द होने के बाद अब रावण के पुतले को खोलकर सुरक्षित रखा जा रहा है। नगर पालिका के सीएमओ वीरेंद्र चक्रवर्ती ने बताया कि विधायक के बेटे के निधन के कारण परिषद ने रामलीला और रावण दहन का कार्यक्रम निरस्त करने का निर्णय लिया है। पुतले को खोलकर सुरक्षित रखवाया जा रहा है।
रावण का पुतला खरीदी घोटाला
भिंड में रावण के पुतले की खरीदी को लेकर भी घोटाला के आरोप लगे हैं। भोपाल के पुतला निर्माता विजय साहू ने बताया कि भिंड नगर पालिका को भेजे गए 51 फीट ऊंचे रावण की कीमत परिवहन सहित 1.25 लाख रुपए है। पुतले में 80 आतिशबाजी लगाई गई हैं। इसे स्पेशल बांस, कपड़े और साड़ियों से तैयार किया गया है। निर्माता के मुतबाकि, पुतले में कागज का इस्तेमाल नहीं किया गया। इसे वाटरप्रूफ बनाया गया है। उन्होंने पूरी राशि नकद प्राप्त होने का दावा किया। ऐसे में खरीद की वास्तविक लागत-भुगतान का हिसाब जांचने की जरूरत महसूस हो रही है।
CMO बोले- समय कम था, इसलिए भोपाल से मंगाया
नगर पालिका सीएमओ वीरेंद्र चक्रवर्ती ने बताया कि इस बार रावण का पुतला तैयार कराने के लिए पहले से ऑर्डर नहीं दिया गया था। समय कम होने के कारण स्थानीय कलाकार पुतला बनाने के लिए तैयार नहीं थे। इसलिए भोपाल से मंगाना पड़ा। CMO के मुताबिक, 51 फीट ऊंचे पुतले पर कुल 1.60 लाख रुपए खर्च हुए हैं। हालांकि, निर्माता के 1.25 लाख रुपए वाले दावे और नगर पालिका के खर्च के बीच 35 हजार रुपए का अंतर है।
पिछले साल तीन पुतले, इस बार एक पर इतना खर्च
नगर पालिका अध्यक्ष वर्षा वाल्मीकि के प्रतिनिधि सुनील वाल्मीकि ने भी खर्च पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पिछले साल करीब 2.10 लाख रुपए में रावण, कुंभकरण और मेघनाद के तीन पुतले तैयार कराए गए थे। इस बार केवल एक रावण मंगाया गया है। फिर भी उस पर 1.60 लाख रुपए खर्च बताए जा रहे हैं। राजहोली क्षेत्र के स्थानीय कलाकार कई साल से नगर पालिका के लिए तीनों पुतले बनाते रहे हैं। इस बार उनसे पुतले नहीं बनवाए गए।

