भोपाल समाचार, 25 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मध्य प्रदेश कोचिंग केंद्र पंजीयन एवं विनियमन नियम 2026 का मध्य प्रदेश राजपत्र में प्रकाशन कर दिया है। यह नियम 23 अक्टूबर 2026 को फाइनल ड्राफ्ट किए गए थे और प्रकाशन की तारीख दिनांक 23 अक्टूबर 2026 को लागू हो गए। सभी कोचिंग संचालकों, विद्यार्थियों एवं पेरेंट्स के पास यह नियम होने चाहिए ताकि विवाद की स्थिति का निपटारा तत्काल हो सके। हम आपको नियमों की सरल समीक्षा दे रहे हैं और पीडीएफ फाइल भी ताकि आप डाउनलोड कर सकें।
मध्य प्रदेश कोचिंग केंद्र (पंजीयन एवं विनियमन) नियम, 2026
मध्य प्रदेश कोचिंग केंद्र (पंजीयन एवं विनियमन) नियम, 2026 राज्य में कोचिंग संस्थानों के संचालन, विद्यार्थियों की सुरक्षा, मानसिक स्वास्थ्य और शिकायत निवारण को व्यवस्थित करने के लिए लागू किए गए हैं।
क्षेत्राधिकार: यह नियम मध्य प्रदेश में संचालित उन सभी कोचिंग केंद्रों पर लागू होते हैं, चाहे वे इन नियमों के लागू होने से पहले स्थापित हुए हों या बाद में।
कोचिंग केंद्र की परिभाषा: ऐसा कोई भी केंद्र जो 50 से अधिक विद्यार्थियों को किसी अध्ययन कार्यक्रम, प्रतियोगी परीक्षा या अकादमिक सहायता के लिए कोचिंग प्रदान करता है।
अपवाद: इसमें परामर्श (counseling), खेलकूद, नृत्य, रंगमंच और अन्य रचनात्मक गतिविधियाँ शामिल नहीं हैं।
पंजीयन प्रक्रिया एवं शर्तें - Registration Process
नगर निगम क्षेत्र में नगर निगम आयुक्त; नगरपालिका/नगर परिषद क्षेत्र में मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO); तथा ग्रामीण/जनपद पंचायत क्षेत्र में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) पंजीयन अधिकारी होंगे।
आवेदन एवं वैधता: ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शुल्क भुगतान कर आवेदन करना होगा। पंजीयन प्रमाण पत्र डिजिटल रूप से स्वचालित (auto-generated) जारी होगा और इसकी वैधता 3 वर्ष होगी, जिसे प्रत्येक 3 वर्ष में नवीनीकृत कराना होगा।
पूर्व से संचालित केंद्र: नियमों के प्रकाशन की तारीख से 90 दिनों के भीतर पंजीयन हेतु आवेदन करना अनिवार्य है। एक से अधिक शाखा होने पर प्रत्येक शाखा के लिए पृथक पंजीयन आवश्यक होगा।
निलंबन या निरस्तीकरण: गलत जानकारी देने, निरीक्षण में अनियमितता मिलने या नियमों के उल्लंघन पर 15 दिनों का कारण बताओ नोटिस जारी कर पंजीयन निलंबित या निरस्त किया जा सकता है।
Mandatory Public Disclosures
प्रत्येक कोचिंग केंद्र को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर निम्नलिखित जानकारी प्रदर्शित करना अनिवार्य है:
- स्थापना का वर्ष, ट्यूटरों की संख्या, नाम एवं शैक्षणिक अर्हता (ट्यूटर के लिए न्यूनतम अर्हता स्नातक डिग्री अनिवार्य है)।
- सहायक कर्मचारियों के नाम एवं विवरण।
- मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता (Mental Health Counsellor) का नाम, अर्हता एवं संपर्क विवरण।
- पाठ्यक्रम विवरण, शुल्क संरचना, एग्जिट (निकास) नीति एवं शुल्क वापसी नीति।
- विगत 5 वर्षों में सफल तथा कुल नामांकित विद्यार्थियों का वर्षवार विवरण।
- सुरक्षा उपाय, खुलने व बंद होने का समय, और हेल्पलाइन नंबर (जैसे टेली-मानस: 14416, उमंग: 1800-11-5246, डायल 112, चाइल्ड हेल्पलाइन: 1098)।
Student Protection Norms
भौतिक व बुनियादी ढाँचा: नामांकित विद्यार्थियों के अनुपात में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था, छात्र-छात्राओं के लिए पृथक एवं स्वच्छ शौचालय, सुरक्षित पेयजल तथा क्रियाशील सीसीटीवी कैमरे।
आत्म-हानि व दुर्घटना रोकथाम:
आवासीय परिसरों में छेड़छाड़-रोधी (tamper-proof) सीलिंग पंखे या समकक्ष सुरक्षा युक्तियाँ लगाना।
छतों, बालकनियों एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों तक पहुँच को प्रतिबंधित करना।
अग्निशमन उपकरण, प्राथमिक उपचार बॉक्स तथा 24x7 सुरक्षा पर्यवेक्षण की व्यवस्था।
भेदभाव-निषेध: धर्म, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर प्रवेश व शिक्षण में भेदभाव पर पूर्ण रोक है। शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर बैचों का पृथक्कीकरण (batch segregation) प्रतिबंधित है।
दिव्यांगजनों हेतु व्यवस्था: कोचिंग केंद्र का भवन एवं परिसर दिव्यांग-अनुकूल (Divyang-friendly) होना अनिवार्य है।
मानसिक स्वास्थ्य व आत्महत्या की घटना की रिपोर्टिंग:
राज्य की यूनिफॉर्म मेंटल हेल्थ पॉलिसी, 2026 को लागू करना होगा।
प्रत्येक 3 माह में अभिभावकों के साथ बैठक आयोजित करना अनिवार्य है।
यदि किसी विद्यार्थी द्वारा आत्म-हानि या आत्महत्या के प्रयास/घटना की सूचना मिलती है, तो 24 घंटे के भीतर जिला निगरानी समिति को सुरक्षित माध्यम से रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
शिकायत निवारण एवं निगरानी तंत्र
केंद्र स्तर: प्रमुख स्थानों पर शिकायत एवं सुझाव पेटियाँ लगाना अनिवार्य होगा, जिन्हें नियमित अंतराल पर खोला जाएगा और गठित समिति द्वारा समय-सीमा में शिकायतों का निवारण किया जाएगा।
जिला स्तर: प्रत्येक जिले में जिला निगरानी समिति (कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में) गठित होगी, जो निरीक्षण, मानकों के अनुपालन और शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का संचालन करेगी।
राज्य स्तर: आयुक्त (उच्च शिक्षा विभाग) की अध्यक्षता में राज्य निगरानी समिति नियमों के क्रियान्वयन की समीक्षा करेगी और राज्य सरकार व राष्ट्रीय कार्यबल को वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
अपील प्रक्रिया
यदि कोई कोचिंग केंद्र पंजीयन इनकार, निलंबन या निरस्तीकरण के आदेश से व्यथित है, तो वह आदेश की सूचना मिलने की तारीख से 30 दिनों के भीतर संभागायुक्त (Divisional Commissioner) के समक्ष अपील कर सकता है।
संभागायुक्त सुनवाई का अवसर प्रदान कर 45 दिनों के भीतर अपील का निपटारा करेंगे, और उनका निर्णय अंतिम होगा।
विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए क्या मानक हैं?
मध्य प्रदेश कोचिंग केंद्र (पंजीयन एवं विनियमन) नियम, 2026 के अंतर्गत विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के लिए निम्नलिखित विस्तृत मानक निर्धारित किए गए हैं:
1. अधोसंरचना एवं मूलभूत सुविधाएँ (Infrastructure & Basic Amenities)
पर्याप्त बैठक व्यवस्था: नामांकित विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में पर्याप्त अधोसंरचना और बैठने की व्यवस्था होना अनिवार्य है।
पृथक शौचालय एवं पेयजल: छात्र एवं छात्राओं के लिए स्वच्छता व सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त पृथक प्रसाधन कक्ष (Toilets) तथा सुरक्षित व स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होनी चाहिए।
सीसीटीवी निगरानी: पर्याप्त संख्या में कार्यशील सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएँगे। हालांकि, निजता की रक्षा के लिए शौचालयों, वस्त्र बदलने के कक्षों और परामर्श कक्षों में सीसीटीवी रिकॉर्डिंग पूर्णतः प्रतिबंधित है।
2. भौतिक सुरक्षा एवं दुर्घटना रोकथाम (Physical Safety Measures)
छेड़छाड़-रोधी पंखे: आवासीय परिसरों में छेड़छाड़-रोधी (tamper-proof) सीलिंग पंखे या समतुल्य सुरक्षा युक्तियाँ स्थापित करना अनिवार्य है।
आपातकालीन उपकरण: परिसर के भीतर अग्निशमन उपकरण (Firefighting devices) और प्राथमिक उपचार पेटियाँ (First Aid Boxes) स्थापित की जाएँगी।
उच्च-जोखिम वाले क्षेत्रों पर प्रतिबंध: आत्म-हानि के कृत्य को रोकने के लिए छतों, बालकनियों और अन्य उच्च-जोखिम वाले स्थानों तक पहुँच को प्रतिबंधित किया जाएगा।
सुरक्षा कर्मचारी व पंजी संधारण: कार्य-समय में पर्याप्त प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मचारी उपलब्ध रहेंगे तथा आवासीय परिसरों में 24x7 सुरक्षा पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा आगंतुक पंजी (Visitors' Register) संधारित की जाएगी।
3. मानसिक स्वास्थ्य एवं करियर मार्गदर्शन (Mental Health & Counseling)
समान मानसिक स्वास्थ्य नीति: कोचिंग केंद्रों को राज्य सरकार की समान मानसिक स्वास्थ्य नीति, 2026 (Uniform Mental Health Policy, 2026) को लागू करना होगा।
परामर्शदाताओं की नियुक्ति: प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाताओं (Mental Health Counsellors) को अनिवार्य रूप से नियुक्त/नियोजित किया जाएगा।
अभिभावक बैठकें व करियर काउंसलिंग: प्रत्येक 3 माह में अभिभावकों के साथ अनुवर्ती बैठकें आयोजित की जाएँगी तथा विद्यार्थियों व अभिभावकों के लिए नियमित करियर परामर्श सत्र चलाए जाएँगे।
हेल्पलाइन नंबरों का प्रदर्शन: टेली-मानस (14416), उमंग (1800-11-5246), डायल 112 और चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) के नंबर कक्षाओं, सूचना-पटलों और वेबसाइट पर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाएँगे।
24 घंटे में रिपोर्टिंग: यदि किसी विद्यार्थी द्वारा आत्म-हानि या आत्महत्या के प्रयास/घटना की सूचना मिलती है, तो 24 घंटे के भीतर जिला निगरानी समिति को सुरक्षित माध्यम से गोपनीय रिपोर्ट प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
4. विभेद-निषेध एवं दिव्यांगजन सुरक्षा (Anti-discrimination & Inclusivity)
भेदभाव पर रोक: प्रवेश और शिक्षण के दौरान धर्म, जाति, लिंग, मूलवंश या जन्मस्थान के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।
बैच पृथक्कीकरण पर प्रतिबंध: शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर विद्यार्थियों का बैच पृथक्कीकरण (batch segregation) प्रतिबंधित है।
दिव्यांग-अनुकूल परिसर: कोचिंग भवन और आसपास का परिसर दिव्यांग-अनुकूल (Divyang-friendly) होना चाहिए तथा ट्यूटरों को उनके प्रति संवेदनशील बनाया जाएगा।
5. कर्मचारियों की पृष्ठभूमि एवं गोपनीयता (Staff Verification & Privacy)
अपराधिक रिकॉर्ड वाले कर्मचारियों पर रोक: विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिगत, अपराधों के लिए दोषसिद्ध व्यक्तियों को ट्यूटर या सहायक कर्मचारी के रूप में नियुक्त नहीं किया जाएगा और उनकी सूची निकटतम पुलिस थाने को दी जाएगी।
अभिलेखों की गोपनीयता: विद्यार्थियों के रिकॉर्ड, काउंसलिंग जानकारी, शिकायत अभिलेख और सीसीटीवी फुटेज की गोपनीयता बनाए रखी जाएगी और पहुँच केवल अधिकृत व्यक्तियों तक सीमित होगी।
Madhya Pradesh Coaching Centre Regulation Rules 2026 PDF Download
मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा मध्य प्रदेश कोचिंग केंद्र पंजीयन एवं विनियमन नियम 2026 की पीडीएफ फाइल भोपाल समाचार के टेलीग्राम चैनल https://t.me/bhopalsamachar1 पर उपलब्ध है। तत्काल डाउनलोड कर सकते हैं।

