भोपाल, 27 अक्टूबर 2026: केंद्रीय कृषि मंत्री एवं भाजपा में मोदी के उत्तराधिकारियों में से एक श्री शिवराज सिंह चौहान आज भोपाल में बाल बाल बच गए। जिस फ्लाइट 6E 2029 से हो जाने वाले थे, उसमें बड़ा टेक्निकल फॉल्ट था। अच्छा हुआ कि इसका पता भोपाल में फ्लाइट की लैंडिंग के समय ही चल गया। यदि फ्लाइट में उड़ान भर दी होती....
शिवराज सिंह की शेड्यूल्ड फ्लाइट भोपाल में रद्द
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, हार्ड लैंडिंग के बाद विमान की जांच करना निर्धारित प्रक्रिया का हिस्सा है। यदि पायलट को लगता है कि विमान रनवे पर अपेक्षा से अधिक जोर से उतरा है, तो इसकी जानकारी इंजीनियरिंग टीम को दी जाती है। इसके बाद विमान की तकनीकी जांच की जाती है। जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने और अनुमति मिलने के बाद ही विमान दोबारा उड़ान भर सकता है। हालांकि, तकनीकी जांच में विमान को उड़ान के लिए अनुपयुक्त पाए जाने के बाद फ्लाइट रद्द कर दी गई।
पायलट की सूझबूझ से बड़ा विमान हादसा टल गया
इंडिगो की तरफ से कुछ भी कहा जाए लेकिन स्पष्ट रूप से समझ में आ रहा है कि पायलट की सूझबूझ के कारण एक बड़ा विमान हादसा टल गया। यदि फ्लाइट की लैंडिंग के समय महसूस हुई तकनीकी खराबी को पायलट द्वारा गंभीरता से नहीं लिया जाता। वर्क प्रेशर के कारण इग्नोर कर दिया जाता है तो इस बात की काफी संभावना है कि यह फ्लाइट दिल्ली पहुंचने से पहले हादसे का शिकार हो चुकी होती। या तो कहीं पर इसकी इमरजेंसी लैंडिंग होती या फिर अभी हम कोई अप्रिय समाचार लिख रहे होते।


