भोपाल, 22 अक्टूबर 2026: आज के जमाने में जब भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी रिटायरमेंट के बाद पावरफुल पोजीशन के लिए जुगाड़ करते हैं, श्री राजीव शर्मा एक ऐसा उदाहरण है जो सरकारी सेवा से रिटायरमेंट लेकर जल संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं। इसी के चलते भारत सरकार द्वारा श्री राजीव शर्मा का चयन जल प्रहरी सम्मान के लिए किया गया। दिल्ली में आयोजित भव्य समारोह में यह सम्मान दिया जाएगा।
दमोह का श्रमदान अभियान आज भी लैंडमार्क है
श्री राजीव शर्मा ने वर्ष 1991 में दमोह में पदस्थापना के दौरान लोगों के श्रमदान से राजनगर तालाब का गहरीकरण कराया था। जल संरक्षण के क्षेत्र में इस पहल को आज भी उदाहरण के तौर पर देखा जाता है। उन्होंने नरसिंहपुर की सींगरी नदी और शाजापुर की चीलर नदी को फिर से जीवित करने के प्रयासों में भी भूमिका निभाई। मालवा, महाकौशल और विंध्य क्षेत्र में बारिश के पानी से कुओं और नलकूपों के पुनर्भरण के लिए भी काम किया।
PM मोदी भी तारीफ कर चुके हैं
शहडोल संभाग के आयुक्त रहते हुए राजीव शर्मा ने जल क्रांति अभियान शुरू किया था। इसके तहत किसानों को भूजल बढ़ाने की तकनीक सिखाई गई और जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में इस अभियान की तारीफ की थी।
वॉलंटरी रिटायरमेंट लेकर जल संरक्षण करने वाले IAS
राजीव शर्मा ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद भी जल संरक्षण और भूजल संवर्धन का काम जारी रखा है। जल शक्ति मंत्रालय के सहयोग से दिया जाने वाला जल प्रहरी सम्मान उन व्यक्तियों और संस्थाओं को मिलता है, जिन्होंने जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। विशिष्ट जूरी ने शर्मा के लंबे समय से जारी प्रयासों को देखते हुए उनका चयन किया।

