CM Sir, सीनियर अतिथि शिक्षकों को कुछ तो प्रिविलेज दीजिए

Updesh Awasthee
माननीय मुख्यमंत्री महोदय,
अत्यंत विनम्रतापूर्वक निवेदन है कि मध्य प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में अतिथि शिक्षक वर्षों से पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। वर्तमान में कई ऐसे अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं जो पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण हैं, चयन भर्ती परीक्षा में निर्धारित पासिंग अंक प्राप्त कर चुके हैं, और 3 वर्ष या उससे अधिक समय से निरंतर शिक्षण कार्य कर रहे हैं।

इस संबंध में हम आपका ध्यान निम्नलिखित अत्यंत संवेदनशील बिंदुओं की ओर आकर्षित करना चाहते हैं:आर्थिक असमानता और मानसिक तनाव : वर्तमान में वर्ग-3 को ₹350, वर्ग-2 को ₹451 और वर्ग-1 को लगभग ₹600 दैनिक मानदेय के आधार पर भुगतान होता है। आज के समय में एक अकुशल या कुशल श्रमिक (मजदूर / कारीगर ) की दैनिक मजदूरी भी ₹900 से ₹1000 तक है। उच्च शिक्षा और कड़े परीक्षा मापदंडों को पार करने के बाद भी एक शिक्षक को श्रमिक से कम मानदेय मिलना अत्यंत निराशाजनक है।

कार्य की अधिकता : अतिथि शिक्षकों से नियमित शिक्षकों के समान ( या कई बार उससे भी अधिक) कार्य लिया जाता है। प्रतिदिन 6 घंटे विद्यालय में उपस्थिति के साथ-साथ आने-जाने में लगने वाला समय मिलाकर वे अपना पूरा दिन शिक्षा व्यवस्था को समर्पित करते हैं।

अन्य राज्यों की नीतियां : राजस्थान, छत्तीसगढ़, हरियाणा, दिल्ली और कई अन्य राज्यों में अतिथि शिक्षकों को बेहतर मानदेय, नियमित कर्मचारियों के समकक्ष लाभ और सेवा सुरक्षा प्रदान की जा रही है।

अतः आपसे हाथ जोड़कर विनम्र प्रार्थना है कि:
1. मानदेय दोगुना किया जाए: वर्तमान महंगाई को देखते हुए और योग्यता का सम्मान करते हुए मानदेय में कम से कम दोगुनी वृद्धि की जाए।
2. सी.एल. (आकस्मिक अवकाश ) का प्रावधान: बीमारी या आवश्यक पारिवारिक कार्यों के लिए अतिथि शिक्षकों को भी सवेतन सी. एल. ( Casual Leave ) की सुविधा दी जाए।
3. सेवा सुरक्षा (विभागीय संरक्षण): सालों से पढ़ा रहे और परीक्षाएं उत्तीर्ण कर चुके इन अनुभवी अतिथि शिक्षकों को बीच सत्र या भविष्य में सेवा से बाहर न निकाला जाए।

चयन परीक्षा में अतिथि शिक्षक को कुल 3 वर्ष के 12 अंक एवं 5 अंक के 20 अंक बोनस के रूप में जोड़े जाये जिससे अधिक से अधिक अतिथि शिक्षक का चयन हो सके।

अन्यथा की द्रष्टि से महोदय हम अतिथि शिक्षक जो वर्तमान में 70000 अतिथि शिक्षक जो कार्यरत है औसतन प्रति अतिथि शिक्षक के परिवार में 10 व्यक्ति जीवन यापन इसी अतिथि शिक्षक से चलता है अगर हमारी मांग को सरकार नहीं मानती है तो हम अतिथि शिक्षक एवं परिवार के सदस्य सहित लगभग 7 लाख से अधिक जन संख्या वोट देने में असमर्थ है।

महोदय, हम सभी आपके प्रदेश के ही नागरिक हैं और आपसे पूर्ण न्याय की उम्मीद रखते हैं। यदि हमारी इन उचित मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाता है, तो हम सभी अतिथि शिक्षक आपके अत्यंत आभारी रहेंगे।

भवदीय,
समस्त पात्रता एवं चयन परीक्षा उत्तीर्ण अतिथि शिक्षक
मध्य प्रदेश
प्रतिलिपि
श्रीमान माननीय स्कूल शिक्षा मंत्री जी

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