लापरवाही या साजिश: जबलपुर में दुर्गा माता के जुलूस में हाई टेंशन लाइन का करंट, दो लोगों की मौत, आठ घायल

Updesh Awasthee
जबलपुर, 22 अक्टूबर 2026:
जांच का प्रमुख बिंदु होना चाहिए की घटना किसी लापरवाही के कारण हुई या फिर किसी साजिश का हिस्सा है। दोनों ही स्थिति में संबंधित अधिकारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। चिंता की बात यह है कि पुलिस अभी तक यह जांच कर रही है कि इस मामले में FIR दर्ज की जानी चाहिए या नहीं। 

पुलिस थी लेकिन बिजली कंपनी का बंदोबस्त नहीं था

घटना जबलपुर जिले के मझौली थाना क्षेत्र की है। दशहरे के बाद दुर्गा माता की पार्थिव प्रतिमा को विसर्जन के लिए मझौली के नरीला तालाब में ले जाया जा रहा था। श्रद्धालुओं का जुलूस प्रतिमा के साथ चल रहा था। शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस बंदोबस्त भी था लेकिन जुलूस के रास्ते में हाई टेंशन लाइन होने के बावजूद बिजली कंपनी की ओर से कोई बंदोबस्त नहीं था। बताया जा रहा है कि हाई टेंशन लाइन इतना नीचे थी कि, डीजे का ऊपर वाला हिस्सा हाई टेंशन लाइन से टच हो गया। इसके कारण पूरे जुलूस में करंट फैल गया। 
जुलूस में भगदड़ मच गई। करंट के कारण 8 लोग घायल हो गए जबकि दो लोगों की मौत हो गई। घायलों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से जबलपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। 

पुलिस जांच कर रही है की घटना हुई या नहीं 

भारतीय नया संहिता 2023 में व्यवस्था दी गई है कि, FIR दर्ज करने से पहले उप पुलिस अधीक्षक की अनुमति से, पुलिस यह जांच कर सकती है कि, घटना हुई या नहीं। ताकि कोई फर्जी मुकदमा कायम न हो जाए। आश्चर्य की बात है कि पुलिस ने मझौली मामले में भी यही फार्मूला उपयोग कर लिया है। SHO मझोली पूर्वा चौरसिया ने मीडिया से बातचीत में स्वयं कहा है कि लोगों की करंट से मौत हुई है, यह भी बताया है कि हाई टेंशन लाइन की हाइट कम थी और शांति समिति की बैठक में या मुद्दा उठा था, लेकिन फिर भी FIR दर्ज नहीं की गई है। पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी जबकि कानून का दुरुपयोग करते हुए कार्रवाई को लंबित किया जा रहा है। 

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