नई दिल्ली | 21 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित मंगल नर्सिंग होम में 14 माह के बच्चे पार्थ (शिवा) के इलाज के दौरान हुई कथित गंभीर चिकित्सीय लापरवाही और प्लेटलेट्स में अनियमितताओं के कारण मौत का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) को पत्र जारी कर निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
पुराने प्लेटलेट्स चढ़ाने और लापरवाही के गंभीर आरोप
राजस्थान के धौलपुर के रहने वाले शिकायतकर्ता हिंमांशु त्यागी (मूल निवासी मुरैना) के अनुसार, उनके 14 माह के बेटे पार्थ को इलाज के लिए ग्वालियर के मंगल नर्सिंग होम (डॉ. दीपक अग्रवाल) में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने 27 सितंबर का बचा हुआ लगभग 72 घंटे पुराना एफेरेसिस (प्लेटलेट) 30 सितंबर को बच्चे को जबरन चढ़ा दिया।
शिकायतकर्ता ने साक्ष्य के रूप में दावा किया है कि अस्पताल की आधिकारिक डिस्चार्ज समरी में भी लिखित रूप से स्वीकार किया गया है "so 2nd parts of apheresis was given"। प्लेटलेट्स चढ़ाने के तुरंत बाद बच्चे को गंभीर रिएक्शन हुआ, उसका पेट फूल गया और वह सेप्टिक शॉक की चपेट में आ गया।
बिना लाइफ सपोर्ट देर रात रेफर करने का आरोप
परिजन का आरोप है कि स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल प्रबंधन ने रात करीब 2:00 बजे बिना किसी लाइफ सपोर्ट के बच्चे को जबरन रेफर कर दिया। इसके बाद मासूम को पार्क अस्पताल (गुरुग्राम, हरियाणा) ले जाया गया, जहाँ उसकी मृत्यु हो गई। पार्क अस्पताल की डेथ समरी में भी सेप्टिक शॉक की पुष्टि हुई है।
NCPCR की राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को सख्त हिदायत
पीड़ित पिता द्वारा 13 अक्टूबर 2026 को दर्ज कराई गई शिकायत (ईबीएन शिकायत आईडी: 105427) पर कार्रवाई करते हुए NCPCR की रजिस्ट्रार डॉ. सुधा चौधरी ने 19 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC), नई दिल्ली को पत्र (फाइल संख्या: BR-105427/2026-27/COMP/HEALTH/EBN) भेजा है।
पत्र में NCPCR ने मांग की है कि:
मामले की अपने स्तर पर तथा संबंधित राज्य चिकित्सा परिषदों एवं सक्षम प्राधिकारियों के माध्यम से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
की गई कार्रवाई के संबंध में शिकायतकर्ता को सीधे अवगत कराया जाए और आयोग को भी रिपोर्ट सौंपी जाए।
CCTV फुटेज और मेडिकल रिकॉर्ड ज़ब्त करने की मांग
इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO CPGRAMS), NCPCR और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में भी दर्ज कराई जा चुकी है। पीड़ित परिवार ने ग्वालियर के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (SP) और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) को पत्र भेजकर मंगल नर्सिंग होम के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज तथा मेडिकल रिकॉर्ड्स को तत्काल ज़ब्त करने की मांग की है ताकि साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ न की जा सके।

