MP Cabinet Meeting Official Report 27 Oct 2026 - मध्य प्रदेश कैबिनेट मीटिंग का आधिकारिक प्रतिवेदन

Updesh Awasthee

MP Cabinet Meeting Key Highlights at a Glance

कुल स्वीकृति: प्रदेश के सर्वांगीण विकास और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण हेतु ₹8,225 करोड़ से अधिक की वित्तीय स्वीकृति।
सिंचाई परियोजनाएं: छिंदवाड़ा, सिवनी, मुरैना, सागर और दमोह जिलों के लिए ₹3,378 करोड़ 69 लाख मंजूर।
कैम्पा निधि (CAMPA Fund): वनों के सुधार एवं नदियों के पुनर्जीवन हेतु ₹2,050 करोड़ 3 लाख का अनुमोदन।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा: योजनाओं के निरंतर संचालन हेतु ₹1,743 करोड़ 58 लाख स्वीकृत।
सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण: कल्याणकारी योजनाओं के लिए ₹651 करोड़ 25 लाख की मंजूरी।
शिक्षा विभाग सुदृढ़ीकरण: नवगठित 4 जिलों में DEO कार्यालय हेतु 68 नवीन पद और 32 आउटसोर्स पद स्वीकृत।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW): 16वें वित्त आयोग अवधि के लिए ₹345 करोड़ 52 लाख मंजूर।
विधि एवं विधायी कार्य: परिसंपत्तियों के संधारण हेतु ₹40 करोड़ की स्वीकृति।
गेहूं विपणन कार्योत्तर अनुमोदन: सिविल सप्लाईज कारपोरेशन द्वारा चमकविहीन गेहूं निविदा विक्रय का कार्योत्तर अनुमोदन।

एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: सर्वांगीण विकास और प्रशासनिक तंत्र के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹8,225 करोड़ की स्वीकृति

भोपाल समाचार, 27 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में प्रदेश के सर्वांगीण विकास और प्रशासनिक तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए ₹8,225 करोड़ से अधिक की विकास योजनाओं एवं वित्तीय प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।

राज्य में कृषि विस्तार और जल संसाधन प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए छिंदवाड़ा, मुरैना और सागर जिलों की वृहद सिंचाई परियोजनाओं के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन हेतु ₹3,378 करोड़ 69 लाख रुपये की मंजूरी दी गई, जिससे व्यापक स्तर पर सिंचाई क्षमता का विस्तार होगा।

1. सिंचाई परियोजनाओं के लिए ₹3,378.69 करोड़ की मंजूरी

मंत्रि-परिषद ने प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन हेतु ₹3,378 करोड़ 69 लाख की मंजूरी दी है।
छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना: ₹2,611 करोड़ 13 लाख स्वीकृत। इसका मुख्य उद्देश्य छिंदवाड़ा जिले के 1,90,500 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई (ड्रिप/स्प्रिंकलर) के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुँचाना है।
पेंच व्यपवर्तन (वृहद) परियोजना: निरंतरता हेतु ₹197 करोड़ स्वीकृत। इससे छिंदवाड़ा और सिवनी जिलों में सिंचाई क्षमता विकसित की जाएगी।
चेंटीखेड़ा वृहद सिंचाई परियोजना (मुरैना): निरंतरता हेतु ₹531 करोड़ 15 लाख स्वीकृत, जिससे जिले के 15,300 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई प्रणाली निर्मित होगी।
पंचमनगर सिंचाई कॉम्प्लेक्स (सागर व दमोह): निरंतरता हेतु ₹39 करोड़ 41 लाख स्वीकृत। इसके अंतर्गत पगरा बांध से पाइप प्रणाली द्वारा सागर एवं दमोह जिले के 25,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की जाएगी।

2. कैम्पा निधि (CAMPA Fund): पर्यावरण व वनीकरण हेतु ₹2,050.03 करोड़

मंत्रि-परिषद ने प्रतिकरात्मक वन रोपण निधि (कैम्पा निधि) अंतर्गत वर्ष 2026-27 की कार्य योजना हेतु ₹2,050 करोड़ 3 लाख के उपयोग की स्वीकृति दी है।
इस निधि का उपयोग विगत वर्षों के कार्यों के रख-रखाव, क्षतिपूर्ति पौधारोपण, बिगड़े वनों का सुधार, नदियों के पुनर्जीवन हेतु जलग्रहण क्षेत्र के वनीकरण, मृदा व जल संरक्षण, ग्रामीणों की आजीविका के लिए बांस वृक्षारोपण, वन्यप्राणी रहवास विकास और नगर वनों की स्थापना में किया जाएगा। वन भूमि व्यपवर्तन प्रकरणों में प्राप्त एन.पी.व्ही. (NPV) व क्षतिपूर्ति राशि कैम्पा निधि में रखी जाती है।

3. सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण हेतु ₹651.25 करोड़

विभाग की विभिन्न योजनाओं को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर चलाने के लिए ₹651 करोड़ 25 लाख मंजूर किए गए हैं। इसमें आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय स्थापना (₹6.34 करोड़), स्वावलम्बन केन्द्र इंदौर (₹2.29 करोड़), दृष्टि व श्रवण बाधित शालाएं वेतन भत्ते (₹152.37 करोड़), म.प्र. राज्य सामान्य वर्ग कल्याण आयोग (₹6 करोड़), कलापथक योजना (₹45 करोड़), निर्देशन एवं प्रशासन (₹430.04 करोड़) तथा समग्र सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम (₹9.21 करोड़) शामिल हैं।

4. नवगठित 4 जिलों में DEO कार्यालय हेतु 68 नए पद स्वीकृत

नवगठित जिलों (निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर) में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के गठन हेतु कुल 68 नवीन पद एवं आउटसोर्सिंग से 32 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिसके लिए ₹16 करोड़ 80 लाख का अनुमोदन दिया गया। प्रत्येक जिले को 17 नवीन पद और 8 आउटसोर्स पद प्राप्त होंगे।

5. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ और अन्य विभागों हेतु वित्तीय प्रावधान

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW): 16वें वित्त आयोग की अवधि (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) हेतु ₹345 करोड़ 52 लाख स्वीकृत किए गए।
विधि एवं विधायी कार्य विभाग: परिसंपत्तियों के संधारण हेतु ₹40 करोड़ स्वीकृत।
लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग: योजनाओं के निरंतर संचालन हेतु ₹1,743 करोड़ 58 लाख मंजूर।

6. गेहूं निविदा विक्रय का कार्योत्तर अनुमोदन

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग अंतर्गत रबी विपणन वर्ष 2020-21 में 7 लाख मीट्रिक टन चमकविहीन गेहूं के निविदा विक्रय की कार्यवाही तथा म.प्र. स्टेट सिविल सप्लाईज कारपोरेशन द्वारा 5.8 लाख मीट्रिक टन (2 लाख + 3.8 लाख मीट्रिक टन) चमकविहीन गेहूं के विक्रय की कार्यवाही का कार्योत्तर अनुमोदन दिया गया। रिपोर्ट:  राजेश बैन/अनुराग उइके; एडिटर: उपदेश अवस्थी।

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