भोपाल, 27 अक्टूबर 2026: भोपाल से ग्वालियर की रोड कनेक्टिविटी, भोपाल से इंदौर और जबलपुर की तुलना में काफी पुअर है। कटनी से सिंगरौली रोड की स्थिति भी कुछ ऐसी है लेकिन आगे ऐसा नहीं रहेगा। भोपाल से ब्यावरा गुना शिवपुरी होते हुए ग्वालियर तक का सफर केवल 5 घंटे में पूरा हो जाएगा जबकि कटनी से सिंगरौली की यात्रा केवल 2 घंटे में पूरी हो जाएगी। दोनों एक्सप्रेसवे की DPR तैयार हो चुकी है।
एक्सप्रेसवे: भोपाल से ग्वालियर आगरा होते हुए दिल्ली मात्र 9 घंटे में
मंत्रालय के सूत्रों ने कंफर्म किया है कि, दोनों एक्सप्रेसवे के लिए जमीनों का सर्वे शुरू होने वाला है। भोपाल-ग्वालियर एक्सप्रेसवे डॉ मोहन यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट है, जो भोपाल को सीधे आगरा, मथुरा से होते हुए दिल्ली तक जोड़ देगा। जिससे भोपाल से दिल्ली का सफर भी महज 9 घंटे में पूरा हो जाएगा। वहीं कटनी सिंगरौली हाईवे के पूरा होने के बाद एमपी की यूपी तक सुपरफास्ट कनेक्टिविटी होगी। इन दोनों प्रोजेक्ट पर डीपीआर तैयार हो चुकी है, जिसके बाद अब जमीनों के सर्वे का काम तेज हो सकता है। यह दोनों हाईवे न केवल मध्य प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक हबों को आपस में जोड़ेंगे, बल्कि पड़ोसी राज्यों उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड तक तेज रफ्तार देंगे।
शिवपुरी, गुना और राजगढ़ को फायदा होगा
भोपाल और ग्वालियर दोनों एमपी के अहम शहर हैं, इनके बीच बनने वाले 4 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए DPR तैयार हो चुकी है। चुनी गई एजेंसी एक्सप्रेसवे के लिए 3 संभावित रूट का खाका तैयार करेगी। इनमें से सबसे किफायती और पर्यावरण के अनुकूल सबसे उपयुक्त मार्ग को अंतिम मंजूरी दी जाएगी। इस हाईवे के बनने के बाद दोनों शहरों के बीच की दूरी लगभग 100 किलोमीटर कम हो जाएगी। वर्तमान में लगने वाले 7 से 8 घंटे के सफर की जगह यात्री मात्र 5 से 5.5 घंटे में यह दूरी तय हो जाएगी। इसके अलावा, बीच में पड़ने वाले गुना, शिवपुरी और राजगढ़ जैसे शहरों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा, जिससे ये क्षेत्र बड़े डिस्ट्रीब्यूशन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरेंगे। इसके अलावा भोपाल के लोगों को यह हाईवे ग्वालियर से आगरा होते हुए नोएडा दिल्ली तक जोड़ देगा।
भोपाल ग्वालियर एक्सप्रेसवे का रूट मैप
- सूखी सेवनिया (भोपाल)
- ब्यावरा (राजगढ़)
- गुना
- शिवपुरी
- सुसेरा गांव (ग्वालियर)
दमोह, जबलपुर, रीवा और सीधी को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी
कटनी-सिंगरौली हाईवे की DPR भी तैयार हुई है। यह प्रोजेक्ट एमपी के महाकौशल को विंध्य से जोड़ने वाला प्रोजेक्ट है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव लगातार इसकी चिंता कर रहे हैं। इस एक्सप्रेसवे के चलते दोनों शहरों के बीच की दूरी 67 किलोमीटर कम हो जाएगी। वर्तमान में 299 किमी का यह सफर घटकर लगभग 232 किलोमीटर रह जाएगा, जिसे पूरा करने में महज 2 से 3 घंटे का समय लिया जाएगा। यह कॉरिडोर दमोह, जबलपुर, रीवा और सीधी को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी देगा। एमपी के सिंगरौली की सीमा उत्तर प्रदेश के सोनभद्र से लगती है, जिससे मध्य प्रदेश से प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी और सोनभद्र तक सुपरफास्ट कनेक्टिविटी होगी।
एक्सप्रेसवे का रूट मैप
- कटनी
- मैहर
- रीवा
- सीधी
- सिंगरौली
MPRDC ने तेज किया काम
दोनों एक्सप्रेसवे को लेकर मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) ने काम तेज कर दिया है। इन दोनों ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए बोलियां आ चुकी हैं। भोपाल-ग्वालियर एक्सप्रेसवे की रिपोर्ट मालवीय इंफ्रा प्रोजेक्ट्स और लायन इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स को मिली है। जबकि कटनी-सिंगरौली एक्सप्रेसवे के लिए आर्टिफैक्ट प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, हाईवे इंजीनियरिंग कंसल्टेंट, लायन इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स और ट्रांसिस कंसल्टिंग की तरफ से रिपोर्ट तैयार की है। जो भी रूट तय होगा उसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। DPR के जरिए अंतिम रूट और प्रभावित होने वाले गांवों एवं जमीनों की सूची तैयार होगी। इसके तुरंत बाद सरकार द्वारा भू-अधिग्रहण की अधिसूचना जारी कर मुआवजा बांटने का काम शुरू होगा।
इन दोनों हाईवे के बनने के बाद एमपी की कई राज्यों से कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि राज्य के अंदर भी ट्रैफिक स्थिति में सुधार आएगा. ऐसे में दोनों प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश के लिहाज से अहम है।

