मध्य प्रदेश में 43000 गांव के 50 लाख परिवार इस दिवाली, निजी घर में लक्ष्मी पूजन करेंगे

Updesh Awasthee
भोपाल, 23 अक्टूबर 2026:
कोई सरकार जनता के हित में काम कर रही है या नहीं इसका पता भाषण और नारों से नहीं बल्कि, रिजल्ट से लगाना चाहिए। मध्य प्रदेश में भाजपा की डॉ मोहन यादव सरकार एक ऐसा काम कर रही है जो मध्य प्रदेश के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। 43000 से ज्यादा गांव के 50 लाख से ज्यादा परिवारों में इस बार की दीपावली पूजा, उनके अपने निजी घर में होगी। स्वामित्व योजना के मामले में मध्य प्रदेश, भारत का नंबर वन राज्य बनने जा रहा है। आईए जानते हैं कि मध्य प्रदेश में ऐसा क्या हो रहा है जिसके कारण मध्य प्रदेश की सरकार को भारत की सबसे जनहितैषी सरकार माना जा रहा है: 

मध्य प्रदेश सरकार की घोषणा नहीं रिजल्ट 100%

मध्य प्रदेश में अब तक कुल 43,014 गांवों को स्वामित्व योजना के लिए अधिसूचित किया गया था और इन सभी 43,014 गांवों में ड्रोन सर्वे का काम शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है। मध्य प्रदेश के 39,813 गांवों के लिए कुल 65,76,707 संपत्ति कार्ड तैयार किए जा चुके हैं । इनमें से 54,18,319 संपत्ति कार्ड ग्रामीणों को वितरित किए जा चुके हैं, जो एक बड़ी उपलब्धि है। यह कोई राजनीतिक बयान नहीं बल्कि सरकारी आंकड़ा है जो लोकसभा में पेश किया गया। इसी के साथ मध्य प्रदेश भारत का दूसरा ऐसा राज्य बन गया है जिसने स्वामित्व योजना पर सबसे तेज काम किया है। जबकि भारत के आधे से ज्यादा राज्य ऐसे हैं, जो इस योजना पर जानबूझकर लापरवाही पूर्वक काम कर रहे हैं।

स्वामित्व योजना को ऐतिहासिक जनहितैषी योजना क्यों कहा जा रहा है

भारत की आजादी के बाद से लेकर अब तक लगभग सभी सरकारों ने निर्धन नागरिकों को रहने के लिए जमीन या घर दिया लेकिन संपत्ति का अधिकार नहीं दिया। लोगों को यह बात समझ में नहीं आती लेकिन "पट्टा" को अंग्रेजी में "lease" रहते हैं, और लीज का अर्थ होता है किराएदारी। मतलब जितने भी लोगों को अब तक पट्टा मिला था, वह सब संपत्ति के मालिक नहीं बल्कि किराएदार हैं और संपत्ति की स्वामी सरकार उनसे अपनी जमीन कभी भी वापस ले सकती है। जबकि स्वामित्व योजना के पूर्ण होने के बाद ऐसा नहीं हो सकेगा। यही कारण है कि स्वामित्व योजना को ऐतिहासिक जन हितैषी योजना कहा जा रहा है।

डॉ मोहन, जनता को डिपेंड नहीं इंडिपेंडेंट बनना चाहते हैं

स्वामित्व योजना के तहत मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, 50 लाख निर्धन नागरिकों को "संपत्ति का अधिकार" दे रहे हैं। राजनीति में सामान्य तौर पर ऐसा नहीं होता। नेताओं की कोशिश होती है कि जनता उनके ऊपर डिपेंड रहे, ताकि उनको वोट मिलता रहे। यही कारण है कि कांग्रेस एवं अन्य पार्टियों की सरकार वाले राज्यों में स्वामित्व योजना पर ठीक प्रकार से काम नहीं किया जा रहा है लेकिन डॉ मोहन यादव अपने पहले कार्यकाल में ही जनता का हक उसको देने के लिए मिशन बनाकर काम कर रहे हैं।

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