भोपाल समाचार, 27 अक्टूबर 2026: यदि आप मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रहते हैं और धूम्रपान नहीं करते फिर भी हर रोज ढाई सिगरेट का धुआं पी रहे हैं। भोपाल की हवा में इतना प्रदूषण है कि एक सप्ताह में आप और आपके बच्चे, सभी लोग लगभग 17 सिगरेट का धुआं पी रहे हैं और अक्टूबर के महीने में आप और आपके परिवार के प्रत्येक सदस्य ने 72 सिगरेट का धुआं पिया है।
17 अक्टूबर को भोपाल की हवा सबसे खराब थी
7 अक्टूबर से भोपाल की हवा में प्रदूषण की मात्रा लगातार बढ़ती जा रही है। इंडियन स्टैंडर्ड के अनुसार 17 अक्टूबर को हवा में प्रदूषण की मात्रा सबसे अधिक 381 पहुंच गई थी। 26 अक्टूबर को प्रदूषण की मात्रा 322 थी। कृपया याद रखिए की हवा में प्रदूषण की मात्रा 50 तक है, तो इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं माना जाता। प्रदूषण की मात्रा 100 हो जाए तो भी भारतीय लोगों के फेफड़े सहन कर लेते हैं। 101 से 200 के बीच हवा में मौजूद प्रदूषण आपके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है। यदि प्रदूषण की मात्रा 200 से अधिक हो जाए तो हवा में प्रदूषण का असर आपकी सेहत पर दिखाई देने लगता है। लोगों को श्वास और एलर्जी से संबंधित शिकायतें होने लगती है। दमा की बीमारी के मरीज ज्यादा प्रभावित होते हैं लेकिन स्वस्थ लोग भी प्रभावित होते हैं।
भोपाल की हवा खराब से बहुत खराब हो रही है
यदि हवा में प्रदूषण की मात्रा 300 से अधिक हो जाए तो इसको बहुत खराब हवा माना जाता है। यह हवा उन लोगों के लिए भी हानिकारक होती है, जो किसी बंद कमरे में बैठे होते हैं। छोटे बच्चों से लेकर महिलाओं और बुजुर्गों तक, हवा में मौजूद प्रदूषण सबको प्रभावित करता है। अक्टूबर के महीने में भोपाल की हवा में प्रदूषण की मात्रा 300 के आसपास चल रही है। ऐसे कई दिन रहे हैं जब हवा में प्रदूषण की मात्रा 300 से अधिक हो जाती है। बस एक संतोष की बात है कि, रात में सोते समय प्रदूषण थोड़ा कम हो जाता है।
भोपाल के इन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण
- अमरनाथ कॉलोनी
- अरेरा कॉलोनी
- बागली गांव
- बागसेवनिया
- इतवारा
- कसेरा बाजार
- न्यू मिनल रेजिडेंसी
- साकेत नगर
- इंडस्ट्रियल एरिया
- सेवनिया ओंकार
- तात्या टोपे नगर
- तिलक नगर
- वर्धमान ग्रीन पार्क

