भोपाल, 27 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश विकास की नई राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब पूरा जोर शहरों के विकास पर है। मुख्यमंत्री जी शहरों की सूरत और सीरत ही बदल देना चाहते हैं। इसी मकसद से नगरीय विकास एवं आवास विभाग 28 अक्टूबर को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन करने जा रहा है। इस कॉन्क्लेव में प्रदेश के शहरों के विकास, निवेश बढ़ाने, आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल गवर्नेंस, सस्ते आवास और पानी की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन मंथन होगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद मौजूद रहेंगे और अपनी बात रखेंगे।
इंदौर में अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 का उद्देश्य
दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार विकास के कामों में जुटे हुए हैं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 प्रदेश के शहरों को आधुनिक, सुविधासंपन्न और निवेश के लिए आकर्षक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। इसके जरिए नगरीय विकास से जुड़ी परियोजनाओं, नई नीतियों और नवाचार आधारित समाधानों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही शहरों की अधोसंरचना में निवेशकों और विकास भागीदारों की भागीदारी बढ़ाने पर खास ध्यान रहेगा।
नगरीय विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन और लोकार्पण
कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में कई महत्वपूर्ण नगरीय विकास परियोजनाओं का भूमि पूजन और लोकार्पण करेंगे। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बने आवासों के साथ-साथ पुनर्घनत्वीकरण, कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट, पानी की आपूर्ति, सीवरेज और अन्य नगरीय अधोसंरचना से जुड़े काम शामिल हैं। इन परियोजनाओं से शहरों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ेंगी, लोगों को आवास मिलेंगे और आम नागरिकों की जिंदगी और बेहतर होगी। नगरीय विकास का मकसद शहरों की बुनियाद मजबूत करना और बढ़ती आबादी के हिसाब से सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना है। आवास, पेयजल, सीवरेज और अन्य सेवाओं के जरिए शहरों की अधोसंरचना को मजबूत किया जा रहा है।
सस्ते आवास और जल सुरक्षा की नई पहल
कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्य प्रदेश अर्बन अफोर्डेबल हाउसिंग एंड हैबिटेट पॉलिसी, 2026 के प्रारूप का विमोचन करेंगे। इस नीति का लक्ष्य शहरों में सस्ते आवासों की उपलब्धता बढ़ाना और आवास क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा देना है। इसके तहत किराये के मकान, पुनर्विकास, सरकारी जमीन का बेहतर इस्तेमाल और आधुनिक नगर नियोजन के जरिए आवासीय सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। साथ ही मध्य प्रदेश ट्रीटेड वेस्टवॉटर रिसाइक्लिंग एंड रीयूज पॉलिसी, 2026 के प्रारूप का भी विमोचन होगा। इससे उपचारित गंदे पानी के दोबारा इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा। उद्योगों, निर्माण कार्यों, लैंडस्केपिंग और अन्य गैर-पीने वाले कामों में ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल बढ़ाकर ताजे पानी के स्रोतों पर निर्भरता कम की जाएगी। आयुक्त भोंडवे ने कहा कि सस्ता आवास और पानी का सही प्रबंधन भविष्य की शहरी जरूरतों के लिए बेहद जरूरी है। नई नीतियों से आवास की उपलब्धता बढ़ेगी, निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ेगी और पानी के वैकल्पिक स्रोतों का इस्तेमाल प्रोत्साहित होगा।
इंदौर इकोनॉमिक रीजन की विकास रूपरेखा का विमोचन
नीति आयोग की सिटी इकोनॉमिक रीजन पहल के तहत तैयार इंदौर इकोनॉमिक रीजन रिपोर्ट का भी विमोचन किया जाएगा। रिपोर्ट में आठ जिलों को शामिल करते हुए क्षेत्रीय आर्थिक विकास, औद्योगिक विस्तार, आवास, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और रोजगार सृजन की लंबी अवधि की रूपरेखा दी गई है। ग्रोथ कॉरिडोर, नई टाउनशिप और सुनियोजित शहरी विस्तार के जरिए इंदौर क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर फोकस रहेगा। क्षेत्रीय विकास की प्राथमिकताओं के मुताबिक अधोसंरचना और परिवहन सुविधाओं की समन्वित योजना को भी बढ़ावा दिया जाएगा। कॉन्क्लेव 2.0 में टॉरटॉइस सिटी, सेंट्रल विस्टा भोपाल, हुकुमचंद मिल पुनर्विकास, एकाई सिटी, उज्जैन की टेम्पल बॉन्ड परियोजनाओं, चित्रकूट विकास और फ्लोटिंग सोलर जैसी परियोजनाओं में निवेश की संभावनाओं को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे निवेशकों से वन-टू-वन बातचीत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव चुने हुए निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें भी करेंगे। इनमें आवास, शहरी अधोसंरचना, अक्षय ऊर्जा, जल प्रबंधन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सहित विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा होगी। अधोसंरचना विकास में निवेश के नए रास्ते और वित्तीय संस्थानों की भागीदारी बढ़ाना कॉन्क्लेव का मुख्य उद्देश्य है। इसके जरिए प्रदेश में चल रही और प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए निवेश और वित्तपोषण के नए मौके उपलब्ध कराए जाएंगे।
डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक नगर नियोजन पर जोर
कॉन्क्लेव में शहरी शासन व्यवस्था को और पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर चर्चा होगी। पुनर्घनत्वीकरण, पुनर्विकास, ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट और ट्रांसफरेबल डेवलपमेंट राइट्स जैसे आधुनिक नियोजन साधनों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। जलवायु-अनुकूल शहरों के विकास, जल सुरक्षा, कचरे से संसाधन बनाना और सर्कुलर इकोनॉमी के जरिए सतत शहरी विकास को बढ़ावा देने पर भी चर्चा होगी। डिजिटल तकनीक और आधुनिक नियोजन के जरिए नगरीय सेवाओं को और आसान और प्रभावी बनाने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 के जरिए नगरीय अधोसंरचना का विस्तार, निवेश के नए मौके, सस्ते आवास, पानी के सही इस्तेमाल, डिजिटल गवर्नेंस और नवाचार आधारित समाधानों को एक मंच पर लाया जाएगा। कॉन्क्लेव में परियोजनाओं, नीतियों और साझेदारियों के माध्यम से प्रदेश के शहरों के सुनियोजित, समावेशी और सतत विकास को नई गति दी जाएगी। रिपोर्ट: आलोक शर्मा।

