MP NEWS: कलेक्टर की टीम के तीन अधिकारी, किसान से रिश्वत लेते गिरफ्तार

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 29 सितंबर 2026
: मध्य प्रदेश में लोकायुक्त हर सप्ताह कम से कम 4-5 अधिकारी कर्मचारियों को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार करता है लेकिन मध्य प्रदेश के न्यायालयों से भ्रष्टाचार के आरोपीय अधिकारी कर्मचारियों को सजा के समाचार नहीं मिलते। यही कारण है कि, लगातार कार्रवाई के बाद भी लोग खुले आम रिश्वत ले रहे हैं। किसानों को अपने कानूनी अधिकार प्राप्त करने के लिए रिश्वत देनी पड़ रही है और कलेक्टर की टीम के तहसीलदार एवं पटवारी, नियम के अनुसार काम करने के बदले रिश्वत ले रहे हैं और वह भी थोड़ी बहुत नहीं, नामांतरण के पेपर पर सिग्नेचर करने के 2 लाख। 

तहसीलदार अंतरसिंह कनेश बोले: पटवारी से मिल लो, काम हो जाएगा

पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त इंदौर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, खरगोन जिले के कसरावद बड़ी निवासी पुनीत नाड़ीवाल अपनी धर्मपत्नी श्रीमती ममता नाड़ीवाल के नाम ग्राम सतावड (तहसील सैगाँव) में स्थित कृषि भूमि के नामांतरण (mutation) के लिए लंबे समय से प्रयासरत थे। अपनी जायज जमीन का नियमानुसार नामांतरण कराने वे तहसील कार्यालय सैगाँव पहुँचे और तहसीलदार अंतरसिंह कनेश से मुलाकात कर नामांतरण हेतु निवेदन किया लेकिन नियम-कायदे के तहत काम करने के बजाय तहसीलदार ने उन्हें दोटूक कहा कि संबंधित पटवारी से संपर्क साधें, काम हो जाएगा। 

पटवारी खुम सिंह धारवे ने 2 लाख की तगड़ी घूस मांगी

तहसीलदार के निर्देश पर जब आवेदक पुनीत नाड़ीवाल ने पटवारी हलका नंबर 5 (ग्राम दसनावल) के पटवारी खुम सिंह धारवे से बात की, तो सरकारी दफ्तरों में फैली रिश्वतखोरी का ताना-बाना सामने आया। पटवारी खुम सिंह धारवे ने सैगाँव तहसील के हलका नंबर 26 (ग्राम पनाली) के पटवारी कुलदीप यादव के जरिए जमीन का नामांतरण कराने के एवज में सीधे ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) की तगड़ी घूस की मांग रख दी। 

किसान पुनीत नाड़ीवाल ने घुस को घूंसा मारा

सरकारी तंत्र की इस बेजा रिश्वतखोरी और खुली सौदेबाजी से तंग आकर पुनीत नाड़ीवाल ने झुकने के बजाय लोकायुक्त का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया। उन्होंने 25 सितंबर 2026 को लोकायुक्त कार्यालय इंदौर आकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर श्री राजेश सहाय ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल इसका गोपनीय सत्यापन (verification) कराया, जिसमें दो लाख रुपये रिश्वत मांगे जाने की बात पूरी तरह सही पाई गई। 

तहसीलदार अंतरसिंह कनेश, पटवारी खुम सिंह एवं कुलदीप यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज

रिश्वत की मांग की पुष्टि होते ही लोकायुक्त महानिदेशक श्री योगेश देशमुख के सख्त निर्देशों, उप पुलिस महानिरीक्षक श्री मनोज सिंह के मार्गदर्शन में भ्रष्ट अधिकारियों को दबोचने की रणनीति तैयार की गई। लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने 28 सितंबर 2026 को तीनों आरोपियों (पटवारी खुम सिंह धारवे, पटवारी कुलदीप यादव और तहसीलदार अंतरसिंह कनेश) के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं बीएनएस (BNS) 2023 की धारा 61(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया। 

पटवारी खुम सिंह धारवे, किस से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार

कानून का शिकंजा कसते ही 28 सितंबर 2026 को लोकायुक्त की टीम ने खरगोन जिले में शारदा हॉस्पिटल के सामने स्थित 'पाटीदार मेडिकल' के पास अपना व्यूह (trap) बिछा दिया। तय रणनीति के मुताबिक जैसे ही आवेदक ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में ₹20,000 (बीस हजार रुपये) पटवारी खुम सिंह धारवे को थमाए, आसपास सादे कपड़ों में मुस्तैद लोकायुक्त टीम ने धावा बोलकर आरोपी पटवारी को रंगे हाथों धर दबोचा और रिश्वत की रकम मौके से ही जब्त कर ली। 

ट्रैप टीम की लिस्ट
इस त्वरित और सफल ट्रैप कार्रवाई को इंस्पेक्टर आशुतोष मिठास के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक विजय, आरक्षक शैलेंद्र सिंह, आशीष नायडू, चंद्रमोहन बिष्ट, मनीष माथुर और श्रीकृष्ण अहिरवार की लोकायुक्त टीम ने अंजाम दिया। 

इंदौर संभाग के जिलों में रिश्वतखोरी की शिकायत यहां करें

लोकायुक्त संगठन ने इस बड़ी कार्रवाई के जरिए आम जनता से अपील की है कि इंदौर संभाग में यदि कोई भी सरकारी मुलाजिम काम के बदले रिश्वत मांगे, तो नागरिक बेझिझक मोती बंगला (एम.जी. रोड, इंदौर) स्थित लोकायुक्त कार्यालय या दूरभाष नंबर 0731-2533160 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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