MP NEWS: डिपार्टमेंट में भेदभाव किया तो हाई कोर्ट ने प्रमोशन ऑर्डर जारी कर दिया

Updesh Awasthee
भोपाल, 27 सितंबर 2026:
मध्य प्रदेश में शासन यानी ब्यूरोक्रेट्स को यदि लगता है कि, वह मनमानी कर सकते हैं और उनका फैसला ही अंतिम फैसला होता है तो उनको बड़ी जल्दी अपनी इस गलतफहमी से बाहर निकल आना चाहिए। अधिकारी ने ने एक सब इंजीनियर का प्रमोशन, इंटेंशनली रोक दिया। हेड ऑफ़ द डिपार्टमेंट ने अभ्यावेदन मिलने के बाद भी न्याय नहीं किया। मामला हाई कोर्ट में पहुंचा दो तुरंत प्रमोशन ऑर्डर जारी हो गया। अब बताइए ऐसे अधिकारियों का क्या सम्मान रह गया? 

सरकारी कर्मचारी के प्रमोशन में डिस्क्रिमिनेशन का मामला

म प्र हाईकोर्ट में दायर याचिका सीता राम गुप्ता एवं अन्य बनाम मध्य प्रदेश शासन मामले में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के पक्ष मे आदेश पारित किया है। याचिकाकर्ता का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता सत्येंद्र ज्योतिषी ने बताया कि याचिकाकर्ता सब इंजीनियर के पद पर कुंडम जिला जबलपुर में कार्यरत है। दिनांक 4/11/2025 को शासन के द्वारा वरिष्ठता सूची जारी की गई जिसमे याचिकाकर्ता का वरिष्ठता क्रमांक 136 था। इसके पश्चात दिनांक 5/8/2026 सब इंजीनियर पद से असिस्टेंड इंजीनियर पद की प्रमोशन सूची जारी की गई जिसमे आवेदक का नाम नहीं है, जबकि आवेदक से जो जूनियर हैं उनका प्रमोशन असिस्टेंड इंजीनियर के पद पर पदोन्नति कर दिया गया है जो कि नियम विरुद्ध है। 

आवेदक ने लिखित शिकायत/अभ्यावेदन प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग भोपाल को दिया था परंतु कोई कार्यवाही नहीं होने पर आवेदक हाई कोर्ट में याचिका दायर की। माननीय न्यायालय ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए अनावेदक गणों को आदेशित किया है कि 2 महीने के अंदर आवेदक को सब इंजीनियर से असिस्टेंड इंजीनियर के पद पर पदोन्नति करने का आदेश पारित किया हैं। 

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