ग्वालियर/श्योपुर, 2 सितंबर 2026: जितने भी मध्य प्रदेश के धरतीपुत्र किसान भाई हैं, उन सब खातिर एक नंबर की चोखी और लल्लनटॉप खबर निकल के आ रही है। 2 सितंबर को अपने सूबे में भगवान बलराम की जयंती और बलराम कृषि महोत्सव की ऐसी धूम मची कि क्या कहिए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने साफ-साफ कह दओ है कि सरकार खातिर अन्नदाता ही सब कुछ हैं और खेतों से ले के बैंक खातों तक सरकार किसानों का पूरा-पूरा ध्यान रख रही है।
चलो, अब आपको एक-एक करके पूरी बड़ी घोषणाएं और मस्त खबरें विस्तार से सुनात हैं:
अब दिन में भी चमकेगी बिजली और कर्ज चुकाने को मिलहै पूरो एक साल!
पहले जो किसान रात-रात भर जागके खेतों में पानी देते थे, अब उनका वो कष्ट दूर होने वाला है। मुख्यमंत्री जी ने घोषणा करी है कि अब सिंचाई खातिर दिन में भी टकाटक बिजली की सुविधा मिलेगी। अब अपनी फसल को दिन के समय भी आराम से पानी दे सकोगे।
बिजली के मामले में अपने मध्य प्रदेश ने गजबे तरक्की करी है। आजादी के 55 साल बाद तक सूबे में सिर्फ 5 हजार मेगावॉट बिजली बनती थी, फिर पिछली सरकारों के बाद ये बढ़कर 25 हजार मेगावॉट हुई। और सुनो, हमारी इस सरकार के केवल ढाई साल में ही बिजली का उत्पादन 6 हजार मेगावॉट और बढ़ गया है, जिससे अब ये 31 हजार मेगावॉट पर पहुंच गया है। यही नहीं, सिंचाई का रकबा जो अभी 60 लाख हेक्टेयर है, उसे अगले ढाई साल में 100 लाख हेक्टेयर करने का पक्का लक्ष्य रखा गया है।
और सुनो, कर्ज की जो व्यवस्था पहले 6-6 महीने में खाता पलटने (लोन चुकाने) की थी, उसे अब सरकार ने आसान कर दिया है। शून्य प्रतिशत ब्याज वाली योजना में अब रबी और खरीफ फसलों के कर्ज को चुकाने खातिर पूरे एक साल का समय मिलेगा। मतलब जिस तारीख को पैसा लिया, उसके अगले एक साल में कभी भी चुका दो।
श्योपुर के किसानों की मौज और ग्वालियर में सौगातों की बौछार!
ग्वालियर एयरपोर्ट से श्योपुर के बलराम कृषि महोत्सव में वर्चुअल जुड़े मुख्यमंत्री जी ने श्योपुर मंडी में किसानों के रुकने खातिर 60 लाख रुपये की लागत से नया चमचमाता विश्राम गृह बनाने की बड़ी घोषणा कर दी है। श्योपुर के किसान भाई धान और गेहूं की बंपर पैदावार तो करते ही हैं, साथ में मोटे अनाज का भी गजब उत्पादन कर रहे हैं।
कार्यक्रम में ग्राम राडेप के हमार प्रगतिशील किसान मुकुट चौधरी ने बताया कि उन्हें पराली प्रबंधन के सुपर सीडर यंत्र पर सरकार से 1 लाख 20 हजार रुपये की तगड़ी सब्सिडी मिली है। इसके साथ ही नरेंद्र चौधरी, भरत जाट, शिशुपाल मीणा, सोनू शर्मा, बनवारी मीणा, भुवनेश मीणा, पूरण प्रजापति, गोविंद पटेलिया और मान सिंह पटेलिया जैसे कर्मठ किसानों को शॉल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है।
उधर ग्वालियर के मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जी ने खुद किसानों पर फूलों की बारिश की। वहां उन्होंने:
- ऑनलाइन किसान क्रेडिट कार्ड पोर्टल का उद्घाटन किया।
- कृषक कवच योजना शुरू की।
- 200 नई रजिस्टर्ड पैक्स (PACS) समितियों के दफ्तरों का श्रीगणेश किया।
- ग्वालियर में अपेक्स बैंक संभागीय शाखा का शुभारंभ किया।
खेती के साथ पशुपालन और 'एक बगिया मां के नाम'
खेती के साथ-साथ अब किसान भाइयों की आमदनी दोगुनी करने के लिए पशुपालन और दूसरे कामों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
दूध उत्पादन को 20 प्रतिशत बढ़ाने खातिर नई गौपालन योजना शुरू की गई है, जिसमें पशुपालकों को 40 लाख रुपये के लोन पर 10 लाख रुपये की भारी सब्सिडी मिलेगी। ज्यादा से ज्यादा दूध सहकारी समितियां भी बनाई जाएंगी।
इसके अलावा किसानों को मछली पालन, मुर्गी पालन और बकरी पालन जैसी योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है।
उद्यानिकी फसलों (फलों-सब्जियों) से बंपर मुनाफा कमाने के लिए "एक बगिया मां के नाम" योजना की शुरुआत की गई है।
मेधावी बच्चों को लैपटॉप और फालतू खरचे पर रोक की अपील!
बच्चों की पढ़ाई पर भी मुख्यमंत्री जी का पूरा ध्यान है। बोर्ड परीक्षा में 75 प्रतिशत से ज्यादा नंबर लाने वाले होनहार बच्चों को लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपये की राशि बांटी गई है। श्योपुर के अंकुश मेहर, भूमिका माहौर, आशा गुर्जर, अनमोल मीणा, अभय गुर्जर, पूनम जाट, वैष्णवी जाट, दीनबंधु मीणा, करण मीणा और मयंक शर्मा जैसे होनहार बच्चों को सम्मानित भी किया गया। सीएम साहब ने कहा कि बच्चे खूब पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर बनें, पर अपनी माटी और खेती से नाता न तोड़ें।
साथ ही उन्होंने समाज से एक बड़ी अपील करी कि शादी-ब्याह और सामाजिक कार्यक्रमों में फिजूलखर्ची बंद करो भइया! सामूहिक विवाह सम्मेलनों के जरिए शादियां कराओ और फालतू का पैसा बचाओ।
तरक्की की राह पर अपना मध्य प्रदेश
मुख्यमंत्री जी ने भरोसा दिलाया है कि मध्य प्रदेश खेती के मामले में जल्द ही पंजाब को भी पीछे छोड़ देगा, इसलिए किसान भाई अपनी जमीनों को कतई न बेचें। सूबे में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना पर काम चल रहा है, चारों तरफ एक्सप्रेसवे, हाईवे और ग्रीन फील्ड सड़कें बन रही हैं। गरीबों को मुफ्त एयर एम्बुलेंस की सुविधा मिल रही है और सड़क हादसे में घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाले को राहवीर योजना के तहत 25 हजार रुपये का इनाम भी दिया जा रहा है। सहकारिता विभाग के डूबते हुए 16 बैंकों को सरकार ने पैसा देकर बचाया है।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी खुशी जताते हुए कहा कि श्योपुर क्षेत्र को नैरोगेज रेल लाइन से जोड़ा गया है ताकि किसान ग्वालियर आकर अनाज बेच सकें, और बहुत जल्द इस लाइन को ग्वालियर से कोटा तक ले जाया जाएगा। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर जी ने बताया कि ग्वालियर में तो यह बलराम जयंती 20 सालों से मनाई जा रही थी, पर अब मुख्यमंत्री जी ने इसे पूरे प्रदेश के जिलों में मनाना शुरू कर दिया है।
तो भइया, सरकार तो खेतों से लेकर खातों तक हमारे साथ खड़ी है, बस अब हमें भी मेहनत करके खेती को लाभ का धंधा बनाना है। चलो भइया, राम-राम! खुश रहो, मस्त रहो और खेती-किसानी में नाम कमाओ!

