भोपाल, 29 सितंबर 2026: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की कैबिनेट ने 29 सितंबर को कई अहम फैसलों पर मंजूरी दी। लगभग 24 हजार 500 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं और प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति दी। प्रदेश की वर्दीधारी नौकरियों में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।
मध्य प्रदेश में अग्निवीरों को 20% आरक्षण
गृह विभाग के तहत कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) की भर्ती में होमगार्ड को 10%, पूर्व सैनिकों को 5% और अग्निवीरों को 20% आरक्षण दिया जाएगा। इसी तरह विशेष सशस्त्र बल में होमगार्ड को 10%, पूर्व सैनिकों को 5% और अग्निवीरों को 20%; जेल विभाग में जेल प्रहरी के लिए होमगार्ड को 15%, पूर्व सैनिकों को 5% और अग्निवीरों को 20%; वन विभाग में वन रक्षक के लिए होमगार्ड को 15%, पूर्व सैनिकों को 5% और अग्निवीरों को 20%; तथा आबकारी विभाग में आबकारी कांस्टेबल के लिए होमगार्ड को 10%, पूर्व सैनिकों को 5% और अग्निवीरों को 20% आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।
अतिथि शिक्षक और स्कूल ड्रेस के लिए बजट
कैबिनेट ने सत्र 2026-27 में कक्षा 1 से 8 तक के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए स्कूल ड्रेस (यूनिफॉर्म) की राशि सीधे बैंक खातों में (DBT के जरिए) भेजने के लिए 348 करोड़ 7 लाख रुपये की मंजूरी दी है। कैबिनेट ने अतिथि शिक्षकों के वेतन (मानदेय) भुगतान योजना को अगले 5 वर्षों (2026-27 से 2030-31) तक लगातार चलाने के लिए 5,329 करोड़ 17 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। प्रदेश के सरकारी प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकंडरी स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों पर अतिथि शिक्षकों के जरिए पढ़ाई की व्यवस्था की जाती है। वर्तमान में प्रदेश में 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षक काम कर रहे हैं।
सिंगरौली में 605 बेड क्षमता वाले जिला अस्पताल हेतु 372 करोड़
कैबिनेट ने सिंगरौली जिला अस्पताल में 155 अतिरिक्त बेड बढ़ाते हुए इसे 450 से 605 बेड क्षमता वाला अस्पताल बनाने, परिसर के विकास, बायोमेडिकल उपकरण और अस्पताल के फर्नीचर आदि के लिए 372 करोड़ 12 लाख रुपये के संशोधित (बढ़े हुए) बजट को मंजूरी दी है। इससे पहले 2024 में सिंगरौली जिला अस्पताल परिसर में 400 बेड के अस्पताल भवन और 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक के संयुक्त भवन निर्माण के लिए 188 करोड़ 72 लाख रुपये की मंजूरी दी गई थी। अस्पताल का क्षेत्रफल बढ़ने और बेड संख्या 450 से 605 होने से खर्च बढ़ा, जिसके कारण 372 करोड़ 12 लाख रुपये का संशोधित बजट स्वीकृत किया गया है।
दमोह-कटनी 4-लेन हेतु हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत 4,470 करोड़
कैबिनेट ने दमोह-कटनी 105.10 किमी लंबी सड़क को 4-लेन बनाने के लिए हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत 4,470 करोड़ 30 लाख रुपये (GST सहित) की मंजूरी दी है। इसके तहत कुल निर्माण लागत की 40% राशि यानी 865 करोड़ 15 लाख रुपये का भुगतान निर्माण के दौरान म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा लिए गए लोन से होगा। बाकी 60% राशि, रखरखाव (O&M), ब्याज, जमीन अधिग्रहण (भू-अर्जन) और देखरेख शुल्क मिलाकर 3,605 करोड़ 15 लाख रुपये का खर्च राज्य सरकार अपने बजट से निगम को शेयर जारी करके करेगी।
स्वास्थ्य विभाग की तीन योजनाओं के लिए 3245 करोड़
मंत्रिपरिषद ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की तीन योजनाओं को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 3,245 करोड़ 80 लाख रुपये मंजूर किए हैं। इसके तहत सामुदायिक, उप स्वास्थ्य व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के भवन निर्माण के लिए 3,113 करोड़ 27 लाख रुपये, दवा नियंत्रण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 20 करोड़ 90 लाख रुपये और औषधि नियंत्रण के लिए 111 करोड़ 63 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के लिए 953 करोड़
इसके अलावा, छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज अस्पताल और अन्य भवनों के निर्माण कार्य के लिए 953 करोड़ 69 लाख रुपये की संशोधित मंजूरी दी गई है। जीएसटी दरें 12% से बढ़कर 18% होने, बिजली लाइन और नगर निगम फीस बढ़ने के कारण यह बजट बढ़ाया गया है।
मां रतनगढ़ सिंचाई परियोजना (दतिया) के लिए 1608 करोड़
दतिया जिले की मां रतनगढ़ बहुउद्देशीय (कई उद्देश्यों वाली) सिंचाई परियोजना को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 1,608.02 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिससे 78,484 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी।
रामपुरा मनासा सिंचाई योजना (नीमच) के लिए 524 करोड़
नीमच जिले की रामपुरा मनासा पानी लिफ्ट (उद्वहन) सिंचाई परियोजना के लिए 524 करोड़ 65 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे गांधीसागर बांध से पानी उठाकर 65,400 हेक्टेयर में सिंचाई की जाएगी।
कान्ह डायवर्जन प्रोजेक्ट (उज्जैन) के लिए 358 करोड़
उज्जैन की कान्ह डायवर्जन परियोजना के लिए 358 करोड़ 22 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसका मकसद उज्जैन की पवित्र शिप्रा नदी में गंदी कान्ह नदी का पानी मिलने से रोकना है, ताकि 2028 के सिंहस्थ कुंभ मेले से पहले 30.15 किमी ढकी हुई नहर/सुरंग के जरिए गंदे पानी को मोड़कर गंभीर नदी में पहुंचाया जा सके।
बण्डा परियोजना (सागर) के लिए 1052 करोड़
सागर जिले के बण्डा में धसान नदी पर बण्डा सिंचाई परियोजना के लिए 1,052 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे 80,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी।
1 रुपये प्रति किलो अनाज और नई नौकरियां
अनुसूचित जाति-जनजाति के हॉस्टलों की तरह विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू वर्ग के हॉस्टलों व आश्रमों में रहने वाले छात्रों को 1 रुपये प्रति किलो की दर से भोजन/अनाज देने की मंजूरी दी गई है। मऊगंज, छिंदवाड़ा, मैहर और टीकमगढ़ जिलों में नए जिला हथकरघा कार्यालयों के लिए 12 नए पद (नौकरियां) बनाने और हथकरघा निदेशालय के लिए 2 करोड़ 41 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
गांव की रजिस्ट्री से मिला टैक्स का पैसा गांव को वापस
जमीन की खरीद-बिक्री पर लगने वाले टैक्स से ग्रामीण विकास फंड में पैसे भेजने की योजना के लिए 3,580.22 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिसका उपयोग पंचायतों के माध्यम से गांवों में बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के विकास के लिए होगा।
मध्य प्रदेश की न्याय व्यवस्था के लिए 1342 करोड़
कानून एवं विधायी विभाग की 14 प्रमुख योजनाओं के लिए 1,342 करोड़ 48 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। यह राशि कोर्ट की इमारतों और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने पर खर्च होगी। इसमें हाईकोर्ट भवन व आवासीय परिसर के लिए 372 करोड़, महाधिवक्ता कार्यालय के लिए 357.77 करोड़ और राज्य न्यायिक अकादमी के लिए 200 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, कोर्ट के समन/नोटिस पहुंचाने वाले कर्मचारियों (प्रोसेस सर्वर) के वेतन, भत्ते और यात्रा खर्च के लिए 622 करोड़ 37 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है।
मध्य प्रदेश में लकड़ी व खनिज परिवहन टैक्स (ट्रांजिट फीस) की नई दरें
राज्य में उत्पादित व बाहर से मंगवाई गई लकड़ी/वन उपज और खनिजों के परिवहन के लिए ट्रांजिट फीस (परिवहन शुल्क) और NOC फीस की नई दरों को मंजूरी दी गई है।
सामान्य वन उपज पर 1 घनमीटर तक 200 रुपये और उससे अधिक पर 100 रुपये प्रति अतिरिक्त घनमीटर शुल्क लगेगा। खनिजों (जैसे चूना पत्थर, कोयला, लोहा, बॉक्साइट आदि) के परिवहन पर 81 रुपये प्रति टन और मार्बल, ग्रेनाइट आदि पर 52 रुपये प्रति टन का शुल्क तय किया गया है।
केंद्र सरकार की "कोर्ट भवन निर्माण" योजना में तय सीमा से अधिक के 691 करोड़ 1 लाख रुपये के बकाया भुगतान को राज्य सरकार अपने बजट से करने की मंजूरी दी गई है।

