मध्य प्रदेश में अग्निवीरों को 20% आरक्षण: विघ्न संतोषियों पर मोहन का मास्टर स्ट्रोक

Updesh Awasthee
भोपाल, 29 सितंबर 2026
: मध्य प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और उनके मंत्री परिषद ने आज मध्य प्रदेश को भारत के उन टॉप टेन राज्यों में शामिल कर दिया जहां अग्निवीरों को सर्वाधिक 20% आरक्षण दिया जा रहा है। जबकि पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार; हिमाचल, कर्नाटक, तेलंगाना और केरल में कांग्रेस सरकार; झारखंड, और तमिलनाडु और जम्मू कश्मीर में कांग्रेस गठबंधन सरकार अपने राज्यों में अग्निवीरों को आरक्षण देने के लिए तैयार ही नहीं है। 

20 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल आरक्षण 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 29 सितंबर को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में राज्य के युवाओं के हित में एक बड़ा निर्णय लिया गया है। मंत्रिपरिषद ने प्रदेश की वर्दीधारी सेवाओं की सीधी भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण (हॉरिजॉन्टल) प्रदान करने के ऐतिहासिक प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही कैबिनेट ने प्रदेश के समग्र विकास और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए 24,500 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान की है। 

विभिन्न वर्दीधारी विभागों में आरक्षण का विवरण

मंत्रिपरिषद् के फैसले के अनुसार, राज्य सरकार के पांच प्रमुख वर्दीधारी कैडरों में होमगार्ड, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए आरक्षण की दरें निर्धारित की गई हैं:
पुलिस आरक्षक (सामान्य ड्यूटी): गृह विभाग के अंतर्गत आरक्षक भर्ती में होमगार्ड को 10%, भूतपूर्व सैनिकों को 5% और अग्निवीरों को 20% आरक्षण मिलेगा।
विशेष सशस्त्र बल (SAF): विशेष सशस्त्र बल के पदों पर होमगार्ड को 10%, भूतपूर्व सैनिकों को 5% तथा अग्निवीरों को 20% आरक्षण दिया जाएगा।
जेल प्रहरी (जेल विभाग): जेल विभाग में जेल प्रहरियों की भर्ती के लिए होमगार्ड को 15%, भूतपूर्व सैनिकों को 5% और अग्निवीरों को 20% कोटा मिलेगा।
वन रक्षक (वन विभाग): वन रक्षकों के पदों पर होमगार्ड को 15%, भूतपूर्व सैनिकों को 5% और अग्निवीरों को 20% आरक्षण दिया जाएगा।
आबकारी आरक्षक (वाणिज्यिक कर विभाग): आबकारी आरक्षकों की भर्ती में होमगार्ड को 10%, भूतपूर्व सैनिकों को 5% और अग्निवीरों को 20% आरक्षण मिलेगा।

युवाओं के सशक्तिकरण को मिलेगी दिशा

राज्य सरकार की मंशा थल सेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल की सेवा पूर्ण कर लौटने वाले अग्निवीरों के सैन्य अनुशासन, शारीरिक दक्षता और अनुभव का लाभ राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में लेने की है। इस निर्णय से प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए थल सेना के बाद राज्य की शासकीय सेवाओं में रोजगार के द्वार खुलेंगे। रिपोर्ट: आलोक शर्मा।

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