उज्जैन, 28 सितंबर 2026: उज्जैन की मस्जिद के 4X9 पीठ के छोटे से हिस्से को हटाने को लेकर कुछ उपद्रवी तत्व कल से ही सक्रिय हो गए हैं और लगातार हिंसा की स्थिति बनाने की कोशिश कर रहे हैं। 27 सितंबर की रात में ही सहमति बन गई थी और सुबह मस्जिद के एक हिस्से को विकास के लिए हटाने का काम भी शुरू हो गया लेकिन इसी बीच उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसलिए ताकि जब पुलिस जवाबी कार्रवाई करे तो उसके वीडियो दुनिया भर में वायरल किया जा सकें।
क्या सचमुच उज्जैन में मस्जिद को शहीद किया जा रहा है
सोशल मीडिया पर कई नेता और इनफ्लुएंसर (इसमें सभी संप्रदायों के विघ्नसंतोषी शामिल हैं), 27 सितंबर की दोपहर के बाद से ही देश भर में एक माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं कि उज्जैन में शाही मस्जिद को शहीद किया जा रहा है। जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। आम रास्ते का विस्तार किया जा रहा है, इसलिए सभी के घर-दुकान, मंदिर मस्जिद, का थोड़ा-थोड़ा हिस्सा कंप्रोमाइज किया जा रहा है। सड़क के चौड़ीकरण के कारण सबको लाभ होगा इसलिए किसी को आपत्ति भी नहीं है। मस्जिद को भी कोई आपत्ति नहीं है। एक तरफ से 4 फीट और दूसरी तरफ से 9 फीट का हिस्सा हटाना है। इससे मस्जिद की भव्यता और अधिक स्पष्ट होगी। मस्जिद आने वाले लोगों को, आवागमन और परिवहन की सुविधा मिलेगी।
सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का मामला दर्ज हो सकता है
किसी को कोई आपत्ति नहीं है लेकिन कुछ उपद्रवी, जो इस मस्जिद में नमाज के लिए भी नहीं आते, लगातार हंगामा कर रहे हैं, और कुछ नेता एवं इनफ्लुएंसर, जिन्होंने कभी इस मस्जिद को देखा भी नहीं, माहौल बना रहे हैं की मस्जिद को शहीद किया जा रहा है। जबकि वह जानते हैं कि इस प्रकार के बयान के कारण उनके खिलाफ सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का मामला दर्ज हो सकता है।
मध्य प्रदेश पुलिस सोशल मीडिया से एविडेंस कलेक्ट कर रही है
इधर मध्य प्रदेश की साइबर पुलिस सोशल मीडिया पर लगातार पेट्रोलिंग कर रही है और एविडेंस कलेक्टर रही है। किस नेता (अथवा सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर) ने क्या कहा, किस प्रकार का वीडियो वायरल किया, उसके साथ क्या कंटेंट लिखा, क्या बयान दिया, किस प्रकार की बॉडी लैंग्वेज है। सारे एविडेंस कलेक्ट किए जा रहे हैं। ताकि यदि वह बाद में अपना कंटेंट या वीडियो हटा भी लें तो सबूत बना रहे। शायद मामला निपट जाने के बाद, भारतीय न्याय संहिता 2023 के अनुसार कार्रवाई होगी।
उज्जैन में हिंसा भड़काने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी
धारा 196 BNS: धर्म, जाति, नस्ल, भाषा, क्षेत्र या समुदाय के आधार पर: दुश्मनी, किसी भी माध्यम से, प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से, घृणा या वैमनस्य फैलाना या फैलाने का प्रयास करना।
धारा 353 BNS: झूठी खबर, अफवाह या बयान फैलाने पर, खासकर अगर उसका मकसद: एक समुदाय को दूसरे समुदाय के खिलाफ अपराध करने के लिए उकसाना हो। विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी या घृणा पैदा करना हो।
जहां उपद्रव वाहन बाजार और स्कूल सब बंद
VIDEO: कलेक्टर रोशन सिंह का बयान
VIDEO: उज्जैन शहर काजी खली कुर्रे रहमान का बयान
10 लोगों के खिलाफ FIR, इनमें से पांच सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर
उज्जैन में सोमवार सुबह हुए हंगामे के बाद पुलिस ने जिन 10 लोगों पर FIR की है, उनमें 5 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं। इन पर माहौल बिगाड़ने का आरोप है। हालांकि अभी इनकी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं मिली है। बाहर से आए 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।


