भोपाल समाचार, 27 सितंबर 2026: मध्य प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारी भूल गए थे। उन्होंने यह मान लिया था कि सरकार अब पुराना पेंडिंग महंगाई भत्ता नहीं देगी, लेकिन मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपनी टीम से स्पष्ट कर दिया था कि, किसी का बकाया नहीं रखता है। मौका मिलते ही पेंडिंग हिसाब चुकता करें। अब मध्य प्रदेश शासन का वित्त विभाग मौके का इंतजार कर रहा है।
दरअसल मध्य प्रदेश में कर्मचारियों के बड़े आंदोलन के बाद सरकार ने यह ऐलान किया था कि, कर्मचारियों को जितना महंगाई भत्ता केंद्र सरकार देगी, उतना ही मध्य प्रदेश सरकार भी देगी। कई सालों तक ऐसा होता भी रहा लेकिन लॉकडाउन के दौरान बात बदल गई। तत्कालीन सरकार ने मौके का फायदा उठाया और कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता नहीं दिया। फाइनेंशियल मैटर में एक बार यदि कोई चीज पेंडिंग हो जाए तो फिर उसको क्लियर करना बहुत मुश्किल होता है। डॉक्टर मोहन यादव जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि, कर्मचारियों को केंद्र के समान महंगाई भत्ता, मध्य प्रदेश सरकार का संकल्प है और वह किसी भी कार्यकाल का बकाया हो, हिसाब चुकता किया जाना चाहिए।
तभी से मध्य प्रदेश शासन का वित्त विभाग मौके का इंतजार कर रहा है। अब मौका आने वाला है। केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3% की वृद्धि होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो वित्त मंत्रालय ने डिसाइड कर लिया है कि, मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों का बकाया 2% महंगाई भत्ता जोड़कर 5% महंगाई भत्ता बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा एरियर की राशि का भुगतान भी, सरकारी खजाने की सुविधा के अनुसार कर देंगे।

