भोपाल, 3 जुलाई 2026: मध्य प्रदेश में 9 दिन की देरी से आया मानसून अब पूरे प्रदेश में सक्रिय हो गया है। वर्तमान में प्रदेश के कई हिस्सों में भारी वर्षा और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे नदियाँ उफान पर हैं और कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ-साथ गरज-चमक और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
जिलावार वर्षा की स्थिति और पूर्वानुमान:
भोपाल: राजधानी में सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है और कोहरे जैसा माहौल बना हुआ है। यहाँ 9 जुलाई तक हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने का अनुमान है, जिसमें 7 जुलाई तक गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।
उज्जैन: यहाँ शिप्रा नदी के तट पर स्थित कई मंदिर पानी में डूब गए हैं और ग्रामीण इलाकों में भी भारी बारिश जारी है। पूर्वानुमान के अनुसार, यहाँ 4 जुलाई को अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जबकि पूरे सप्ताह गरज-चमक की स्थिति बनी रहेगी।
इंदौर: अहीरखेड़ी में बाढ़ में बहे एक युवक का शव 36 घंटे बाद मिला है। इंदौर में 7 जुलाई तक लगातार वर्षा के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
बालाघाट: यहाँ 12 से ज्यादा वार्डों में जलभराव है और कई सड़कों का संपर्क मुख्यालय से टूट गया है, साथ ही कान्हा टाइगर रिजर्व के पास एक पुलिया भी क्षतिग्रस्त हुई है। यहाँ 4 जुलाई को बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।
हरदा: जिले में शुक्रवार दोपहर से ही तेज बारिश हो रही है और मौसम विभाग ने यहाँ रेड अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के मुताबिक, यहाँ 5 जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।
पांढुर्णा: यहाँ नदी किनारे बने 5 कच्चे मकान ढह गए हैं और मवेशी बह गए हैं। आने वाले दिनों में यहाँ 5 जुलाई तक भारी वर्षा होने और सप्ताह भर गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
खरगोन: कसरावद इलाके में भारी बारिश से सड़कें और खेत जलमग्न हो गए हैं। यहाँ 4 और 6 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, जिससे सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
रतलाम: जिले में भारी बारिश से खेतों में पानी भर गया है और आकाशीय बिजली गिरने से एक मंदिर का शिखर क्षतिग्रस्त हुआ है। पूर्वानुमान के अनुसार, यहाँ 4 और 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश हो सकती है।
मंदसौर: यहाँ बारिश के दौरान बिजली लाइनों में फॉल्ट और आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। यहाँ 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है और पूरे सप्ताह गरज-चमक की संभावना बनी हुई है।
ग्वालियर: शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश से तापमान में गिरावट आई है। पूर्वानुमान के मुताबिक, ग्वालियर में 6 और 7 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है, जबकि तब तक गरज-चमक की स्थिति रहेगी।
डिंडौरी: कसहा नदी उफान पर है और एक कार बहने की घटना सामने आई है, जिसमें सवार लोगों ने तैरकर जान बचाई। यहाँ 5 जुलाई को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
कटनी: सुआ नदी के उफान पर होने से कई गांवों का सड़क संपर्क टूट गया है। यहाँ 7 जुलाई को भारी बारिश का पूर्वानुमान है और तब तक रुक-रुक कर वर्षा जारी रहेगी।
नर्मदापुरम: नदियाँ उफान पर हैं। 4 और 6 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।
खंडवा, बड़वानी और धार: इन जिलों में भी मानसून का व्यापक असर है, जहाँ खंडवा और बड़वानी में 4 जुलाई को अत्यंत भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान है। धार में भी 5 जुलाई तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
रीवा, सतना और सीधी: पूर्वी मध्य प्रदेश के इन जिलों में फिलहाल हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक की स्थिति बनी हुई है, लेकिन 6 जुलाई के आसपास सतना और अन्य क्षेत्रों में भारी वर्षा होने की संभावना है।
मध्य प्रदेश के लगभग 55 जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित होने की प्रबल संभावना है। शासन और प्रशासन ने लोगों को उफनती नदियों, नालों और जर्जर पुलियों से दूर रहने तथा आकाशीय बिजली की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की चेतावनी दी है।

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