मध्य प्रदेश में 16 लाख Gen Z और 25 लाख किसानों के लिए 5 लाख करोड़

Updesh Awasthee
भोपाल समाचार, 3 जुलाई 2026:
इस प्रकार के समाचारों को ज्यादा महत्व नहीं मिलता क्योंकि इनको लिखने और पढ़ने दोनों में पॉलिटिकल और सोशल माइंडसेट के अलग जाकर बौद्धिकता का उपयोग करना पड़ता है, लेकिन यह उपयोगी और महत्वपूर्ण समाचार है। मध्य प्रदेश सरकार ने फाइनल किया है कि 31 मार्च 2023 तक मध्य प्रदेश के किसानों और युवाओं को छोटे व्यापार (MSME) शुरू करने के लिए 5 लाख करोड़ का लोन दिया जाएगा। इसी के कारण राज्य में आत्मनिर्भरता और प्राइवेट सेक्टर में रोजगार पैदा होते हैं। पहले शासन की तरफ से मिली जानकारी पढ़ लीजिए फिर मैं सरल हिंदी में बताता हूं:-

क्रेडिट प्लान में लगभग 120% वृद्धि

मध्य प्रदेश शासन की ओर से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति द्वारा प्रस्तुत वार्षिक साख योजना 2026-27 का विमोचन कर जारी की। जारी क्रेडिट प्लान के अनुसार कुल वार्षिक ऋण योजना रुपए 5,00,856 करोड़ निर्धारित की गई है। जो गत वर्ष के लक्ष्य 4,19,110 करोड़ रूपए का 119.50 प्रतिशत है। कृषि क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए फार्म क्रेडिट के लिए 1,28,866 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जो गत वर्ष के लक्ष्य का 106.56 प्रतिशत तथा उपलब्धि का 120.56 प्रतिशत अधिक है।

किसानों को फसल ऋण में 122% की वृद्धि

फसल ऋण (Crop Loan) का लक्ष्य रुपए 88,638 करोड़ रूपये रखा गया है, जो गत वर्ष के लक्ष्य का 101.22 प्रतिशत तथा उपलब्धि का 122.36 प्रतिशत है। कुल कृषि क्षेत्र के लिए रुपए 1,65,117 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जो गत वर्ष के लक्ष्य से 113.07 तथा उपलब्धि का 121.85 प्रतिशत है।

MSME छोटे व्यापारियों के बिजनेस लोन में 121% की वृद्धि

मध्यप्रदेश शासन की उद्योगोन्मुखी नीतियों को देखते हुए एमएसएमई क्षेत्र के लिए 1,62,967 करोड़ रुपए का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है जो पिछले वर्ष के लक्ष्य का 121.64 प्रतिशत तथा उपलब्धि का 120.90 प्रतिशत है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की गई है। इस क्षेत्र का लक्ष्य गत वर्ष के लक्ष्य की तुलना में 731.11 प्रतिशत तथा उपलब्धि की तुलना में 167.70 प्रतिशत बढ़ाया गया है। प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र के लिए कुल 3,45,915 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जो कुल वार्षिक ऋण योजना का लगभग 69 प्रतिशत है तथा गत वर्ष के लक्ष्य का 117.76 प्रतिशत एवं उपलब्धि का 121.58 प्रतिशत है।

सरल हिंदी में समझिए क्या फायदा हुआ है

किसानों को फसल बीज खाद और सिंचाई इत्यादि के लिए बिना ब्याज के फसल ऋण दिया जाता है। पिछले साल जितने किसानों ने फसल ऋण लिया था, इस साल उन सबको तो मिलेगा ही, उनके अलावा 22% अन्य किसानों को भी फसल ऋण मिल जाएगा। इस बार सरकार ने फसल ऋण के लिए ₹88,638 करोड़ का प्रावधान किया है। 

मध्य प्रदेश में 25 लाख से अधिक किसानों को कृषि ऋण मिलेगा 

किसानों को ट्रैक्टर, पंप, गोदाम, डेयरी, मुर्गी पालन आदि के लिए भी पैसों की जरूरत होती है। सरकार इसके लिए भी लोन देती है। इस तरह की लोन को कृषि ऋण अथवा फार्म क्रेडिट कहते हैं। किस को इस प्रकार के लोन की जरूरत हर साल नहीं पड़ती। मतलब पिछले साल जितने किसानों को यह लोन मिला था। वर्तमान वर्ष में उतने किसानों से 20% अधिक किसानों को यह लोन मिलेगा। सरकार ने इसे प्राथमिकता पर लिया है और इस बार 1 लाख 28 हजार करोड़ से ज्यादा का प्रावधान किया है। यदि अपन मानकर चलें कि एक किस को औसत 5 लाख रुपए की जरूरत होगी, तो 25 लाख किसानों को इस बार लोन मिल जाएगा।

मध्य प्रदेश के 6 लाख युवाओं को बिजनेस और 10 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलेगा

MSME मतलब छोटे व्यापारी मध्य प्रदेश के विकास में सबसे ज्यादा योगदान दे रहे हैं। तेजी से तरक्की कर रहे हैं और युवाओं को रोजगार भी दे रहे हैं। इसलिए इस बार सरकार ने छोटे व्यापारियों को दिए जाने वाले वन टाइम लोन में 121% की वृद्धि कर दी है। मतलब पिछले साल जितने युवाओं को MSME के लिए लोन मिला था। इस बार उसका 121% अधिक युवाओं को लोन मिलेगा। पिछले साल वाले बिजनेस सेटअप हो चुके हैं, इस साल उससे 121% ज्यादा बिजनेस सेटअप होंगे। सरकार ने इसके लिए सबसे ज्यादा 3 लाख 45 हजार करोड़ का प्रावधान किया है। यदि अपन एक MSME के लिए औसत 25 लाख का लोन मानेंगे तो इस साल 6 लाख से अधिक युवाओं को अपने बिजनेस के लिए लोन मिलेगा। अब यदि एक बिजनेस में औसत चार कर्मचारी माने तो 10 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिल जाएगा।

निष्कर्ष: घर बैठे सिर्फ भाषण मिलता है, राशन के लिए निकलना पड़ेगा

इस समाचार का उद्देश्य केवल इतना है कि भैया, यदि आपके किसान हो अथवा MSME लोन के लिए योग्यता रखते हो तो इंस्टाग्राम की रील देखना और फेसबुक पर कमेंट करना बंद कीजिए। संबंधित योजना का अध्ययन कीजिए, सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाना शुरू कर दीजिए, और निर्देशानुसार अपने डॉक्यूमेंट एवं प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाना शुरू कर दीजिए। सिर्फ 8 महीने बचे हैं और सरकारी प्रक्रिया में यह टाइम बहुत कम होता है। बारिश की परवाह मत कीजिए निकल पढ़िए, क्योंकि घर बैठे सिर्फ भाषण मिल सकता है। राशन (आत्मनिर्भरता और रोजगार) के लिए खुद ही दौड़ धूप करनी पड़ती है।

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