भोपाल, 24 जून 2026: सरकारी प्रोजेक्ट के अनुसार शहर के अयोध्या बायपास को 10 लेन हाईटेक सड़क में बदला जा रहा है लेकिन कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता श्री प्रवीण धौलपुरे दावा करते हैं कि, अयोध्या बायपास 10 लेन सड़क की क्वालिटी बहुत खराब है। पर्याप्त कंप्रेशन नहीं होने के कारण बारिश के मौसम में इस सड़क में कई गड्ढे हो जाएंगे। अपने दावे को पुख्ता करने के लिए उन्होंने वीडियो भी जारी किया है। कंप्रेशन क्या होता है हम आगे बताएंगे, सबसे पहले श्री प्रवीण धौलपुरे का बयान पढ़िए:-
श्री प्रवीण धौलपुरे का कहना है कि, शहर के अयोध्या बायपास पर 10 लेन सड़क के नाम पर हजारों पेड़ों की बलि दे दी गई। विकास के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन जब हमने मौके पर जाकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया तो सड़क की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए। जिस सड़क पर जनता के टैक्स का करोड़ों रुपये खर्च हो रहा है, वहां कई स्थानों पर निर्माण की मूलभूत प्रक्रियाएं और गुणवत्ता मानक सवालों के घेरे में दिखाई दिए। जिस मिट्टी को मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त कंप्रेशन, पानी का छिड़काव और तकनीकी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए, वहां जल्दबाजी में काम पूरा करने की तस्वीरें सामने आ रही हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब जनता पेट्रोल, डीजल, जीएसटी और विभिन्न करों के माध्यम से अपना पैसा सरकार को देती है, तो क्या उसे मजबूत और टिकाऊ सड़क मांगने का अधिकार नहीं है?
हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर हजारों पेड़ काटकर यदि घटिया निर्माण किया जाएगा तो यह जनता के पैसे और पर्यावरण दोनों के साथ अन्याय है।
सरकार को बताना चाहिए कि कितने पेड़ काटे गए, कितने लगाए गए, निर्माण की गुणवत्ता की जांच किसने की और क्या इस पूरे प्रोजेक्ट का स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराया जाएगा?
भोपाल की जनता पूछ रही है पेड़ तो हजारों काट दिए, अब बताइए सड़क कितने साल चलेगी?
जनता का पैसा है, इसलिए जनता जवाब मांग रही है।
सड़क निर्माण में कम्प्रेशन (Compaction) क्या होता है?
सड़क बनाने के समय मिट्टी, पत्थर और डामर की परतों को रोलर मशीन से दबाकर उनका घनत्व बढ़ाने की प्रक्रिया को कम्प्रेशन या संपीड़न कहते हैं। सरल भाषा में:
जैसे आप मिट्टी को पैरों से दबाते हैं ताकि वह ठोस और मजबूत हो जाए, ठीक उसी तरह बड़ी मशीनें (रोलर) सड़क की हर परत को दबाती हैं। ताकि जब सड़क से कोई भारी वाहन गुजरे तो सड़क को कोई नुकसान ना हो।
कम्प्रेशन क्यों जरूरी है?
- सड़क ज्यादा मजबूत और लंबे समय तक टिके।
- भारी ट्रक-बस का वजन आसानी से सह सके।
- बारिश का पानी मिट्टी में नहीं घुस पाए (सड़क डूबने या फटने से बचाव)।
- मिट्टी के अंदर हवा के खाली जगह कम हो जाएँ।
अगर कम्प्रेशन सही न हो तो सड़क 1-2 साल में ही खराब होने लगती है।
सड़क की कौन-कौन सी परतें कम्प्रेस की जाती हैं?
सबग्रेड (Subgrade) → सड़क की सबसे नीचे वाली मिट्टी की परत।
सब-बेस (Sub-base) → मुरम या छोटे पत्थर की परत।
बेस कोर्स (Base Course) → मोटे एग्रीगेट (पत्थर) की परत।
बिटुमिनस/डामर लेयर → ऊपर वाली काली डामर की परत।
ऊपर दी गई तस्वीर में सड़क की अलग-अलग परतें दिखाई गई हैं। हर परत को कम्प्रेस करना जरूरी होता है।
कम्प्रेशन कैसे किया जाता है?
विशेष प्रकार के रोलर (Road Roller) से बार-बार आगे-पीछे घुमाया जाता है। मुख्य रोलर के प्रकार:
Vibratory Roller → सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है (कंपन करके गहराई तक दबाता है)।
Static Roller → साधारण दबाव वाला।
Pneumatic Tyred Roller → टायर वाला रोलर (अंतिम फिनिशिंग के लिए)।
Tandem Roller → दो ड्रम वाला।
रोलर की स्पीड आमतौर पर 3 से 6 किमी/घंटा होती है इसलिए कंप्रेशन के काम में काफी समय लगता है।

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