भोपाल, 10 जून 2026: ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला भोपाल पुलिस से लेकर सीबीआई को दिया जा चुका है। सीबीआई को दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी मिल गई है और मामले के सभी आरोपियों से पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ भी की जा चुकी है लेकिन इस सब के बावजूद सीबीआई अभी तक किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई है। मामला लंबा खिचता दिखाई दे रहा है।
Twisha Sharma Case: CBI Yet to Reach a Conclusion, Investigation Continues
भोपाल समाचार के नियमित पाठक जानते हैं कि हम केवल उतना ही समाचार बताते हैं, जितना की जरूरी हो। सीबीआई की टीम ने चाय के साथ ब्रेड लिया या नहीं, ब्रेड पर बटर था या नहीं और ब्रेड का एक्सपायरी डेट क्या था। इस प्रकार की एक्सक्लूसिव जानकारी हम नहीं देते। तो मुद्दे की बात यह है कि 15 दिन पूरे हो गए लेकिन सीबीआई की टीम के हाथ में अब तक कुछ भी नहीं है। मध्य प्रदेश के लोगों को याद होगा, व्यापम घोटाले के समय भी कुछ ऐसा ही हुआ था। व्यापम घोटाली की सीबीआई जांच की मांग करने वालों को उम्मीद थी कि जब यह मामला सीबीआई के पास पहुंचेगा तो, वह कुर्ते वाले नेता भी सलाखों के पीछे पहुंच जाएंगे, जिनको हमारे मध्य प्रदेश पुलिस पकड़ नहीं पा रही है, लेकिन क्या हुआ सबको पता है। सवाल तो बनता है,क्या इस मामले में भी ऐसा ही कुछ होने वाला है?।
ट्विशा शर्मा मामले की टाइमलाइन
मौत की तारीख: 12 मई 2026 (रात में भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में hanging में मृत पाई गईं। उम्र 33 वर्ष, शादी दिसंबर 2025 में हुई थी)।
पुलिस द्वारा FIR दर्ज करने की तारीख: 15 मई 2026 (कटारा हिल्स थाने में dowry death, matrimonial cruelty और domestic violence के तहत FIR दर्ज हुई। मौत के 3 दिन बाद)।
CBI द्वारा जांच शुरू करने की तारीख: CBI को 21 मई 2026 को MP सरकार द्वारा probe ट्रांसफर की सिफारिश की गई। Supreme Court के निर्देश के बाद CBI ने 25 मई 2026 (सोमवार शाम) को अपना FIR दर्ज किया और औपचारिक रूप से जांच शुरू की। CBI टीम 26 मई से सक्रिय रूप से Bhopal में काम कर रही थी।
आज की तारीख: 10 जून 2026 (मंगलवार) है और सीबीआई की जांच को 15 दिन पूरे हो गए हैं।
मामले का वर्तमान स्टेटस:
Dowry harassment, cruelty, criminal conspiracy आदि धाराओं के तहत husband Samarth Singh और mother-in-law Giribala Singh (retired judge) मुख्य आरोपी हैं। दोनों CBI custody के बाद judicial custody में हैं। CBI ने crime scene reconstruction, CCTV, phone records, forensics आदि की जांच की है। Evidence tampering और procedural lapses (जैसे ligature material की delayed recovery) की भी जांच चल रही है। मामला अभी ongoing है, कोई chargesheet तो दूर की बात, किसी निष्कर्ष तक पहुंचाने के संकेत भी नहीं मिल रहे हैं। बस इतना बताया जा रहा है कि, CBI जांच जारी है...।

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